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Noida News: सर, हमारी तो अधिकारी भी नहीं सुनते

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-गौतमबुद्ध विवि सभागार में डिप्टी सीएम के सामने फूटा कार्यकर्ताओं का दर्द
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के सभागार में भाजपा कार्यकर्ता अपने अंदर छिपे दर्द को सोमवार को उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के सामने रोक नहीं पाए। उन्होंने उप मुख्यमंत्री से शिकायत दर्ज कराई कि कोई भी अधिकारी उनकी फरियाद को सुनता नहीं है।जिलाध्यक्ष से लेकर विधायकों की सिफारिश लेकर जाने पर भी कोई मिलने को तैयार नहीं होता है।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि अधिकारी सरकारी कार्यालयों में समय पर कभी कार्यालय में भी नहीं मिलते हैं। पुलिस के उच्च अधिकारी से लेकर थानेदार तक उनकी समस्याओं को सुनने की बजाय मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देते हैं। थानों में महिलाओं के बीच हेल्प डेस्क पर पुरुषों की तैनाती है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में भी शिकायतों की सुनवाई नहीं होने का मुद्दा कार्यकर्ताओं ने उठाया। कहा, यहां सीईओ भी किसी से नहीं मिलते हैं। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा की दो सबसे बड़ी समस्याओं के बारे में मुझे बताया गया है। पहली यहां खरीदारों की रजिस्ट्री और दूसरी धारा 10 की कार्रवाई से मानसिक तौर पर परेशान किया जाना। इस मौके पर सांसद डॉ महेश शर्मा, जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह, विधान परिषद सदस्य नरेंद्र भाटी, पूर्व मंत्री नवाब सिंह नागर, पूर्व अध्यक्ष महिला आयोग बिमला बाथम, जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा, महानगर अध्यक्ष महेश चौहान आदि शामिल रहे।
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2017 से पहले बदमाश व माफिया तांडव करते थे
उन्होंने कहा कि 2017 से पहले नोएडा के हालात बेहद खराब थे। बदमाश व माफिया सड़कों पर तांडव करते थे। उद्यमी यहां निवेश करने से कतराते थे, उनसे धन उगाई होती थी, यह सब सत्ता के संरक्षण में होता था, लेकिन योगी सरकार ने नोएडा समेत पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था की नई मिसाल पेश की है। प्रदेश में अधिकारी व जनप्रतिनिधि की भी जबावदेही तय की गई है।

60 हजार महीने की फीस सुन चौंके
भाजपा कार्यकर्ता ने कहा कि फीस के लिए कानून बनना चाहिए। उन्होंने बताया कि नोएडा के एक स्कूल में उनका बच्चा नर्सरी में पढ़ता है। जिसकी फीस 60 हजार रुपये हैं। यह सुनकर डिप्टी सीएम चौंक गए। उन्होंने पूछा, 60 हजार रुपये एक महीने की फीस? कार्यकर्ता ने बताया कि यह तीन महीने की है। हर महीने 20 हजार रुपये फीस जाती है। उन्होंने उच्च स्तर पर मुद्दा उठा कर इसका हल निकालने की बात कही।
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मशीनों की होनी चाहिए एएमसी
उप मुख्यमंत्री ने इससे पहले जिम्स में सीटी स्कैन व डिजिटल एक्स रे मशीन का शुभारंभ किया। उन्होंने निदेशक ब्रि.डॉ राकेश गुप्ता से कहा कि मशीनों की एएमसी होनी चाहिए, जिससे खराब होने पर मशीन बंद न रहे। कई बार उपकरण नहीं मिलने पर मशीन बंद हो जाती है। मरीजों को महीनों इंतजार करना पड़ता है। इसके साथ ही एग्रीमेंट करना की वारंटी में मशीन बंद नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार अस्पतालों में सुविधाओं को विकसित करा रही है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में सेक्टर-39 जिला अस्पताल व जिम्स को उच्चीकृत करने जा रही है। इस दौरान उन्होंने अच्छा काम करने वाले चिकित्सकों को सम्मानित भी किया।
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