शासन में 41(3) में विचाराधीन मामले के खत्म हुए बिना प्राधिकरण ने नहीं दी मंजूरी
बिल्डर समूह ने 111 बिना बिके फ्लैट और दुकानों की सूची प्राधिकरण को सौंपी, 252 करोड़ है मूल्य
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-143 बी के आवंटी सिक्का इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को नोएडा प्राधिकरण की ओर से बंधक मंजूरी नहीं दी गई। इस बाबत बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखा गया था। चूंकि उक्त बिल्डर समूह का मामला शासन में 41(3) के तहत विचाराधीन है। लिहाजा बोर्ड ने फैसला किया कि जब तक शासन का मामला हल नहीं हो जाता तब तक मंजूरी नहीं दी जा सकती।
दरअसल, सिक्का की ओर से अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों के तहत जारी शासनादेश का लाभ पाने की कोशिश की जा रही है। इसी कड़ी में कुल बकाये की 25 प्रतिशत राशि जमा कराने के लिए बिल्डर ने स्वामिह फंड से पैसे का जुगाड़ करने की योजना बनाई है। हालांकि इसके लिए बंधक अनुमति जरूरी है।
इससे पहले बिल्डर ने आंशिक धनराशि के तौर पर चार करोड़ रुपये जमा कराया गया। वहीं, नक्शा स्वीकृति की अवधि समाप्त होने तथा रेरा का पंजीकरण निरस्त होने के कारण नक्शे को दोबारा वैध कराकर रेरा से पंजीकरण कराने में ज्यादा समय लग गया। ऐसे में बकाये का भुगतान न करने के कारण प्राधिकरण द्वारा प्रदान की गई बंधक अनुमति को निरस्त करते हुए शासनादेश में दिए गए सभी लाभों से वंचित कर दिया गया।
हालांकि बोर्ड में चर्चा हुई कि बिल्डर ने प्राधिकरण की ओर से जारी रिकवरी सर्टिफिकेट को वापस लेने की अपील की है। इसके अलावा 21 दिसंबर 2023 के जारी शासनादेश में दिए गए लाभ दिलाने को भी कहा था। प्राधिकरण की ओर से यह भी कहा गया कि बिल्डर समूह की ओर से सरेंडर किए गए 111 यूनिटों में से बचे हुए 80 बिना बिके फ्लैट और दुकानों को प्राधिकरण की ओर से सील किया जाना है। इसके अलावा प्राधिकरण का बकाया जमा कराने का भी वादा किया गया है।