- एडीएम के नेतृत्व में गठित जांच कमेटी ने शिक्षक और बीईओ से पूछताछ के बाद डीएम को सौंपी रिपोर्ट
- इटवा क्षेत्र के भदोखर-भदोखरी प्राथमिक विद्यालय का मामला, बागपत के रहने वाले हैं शिक्षक
सिद्धार्थनगर/भनवापुर। इटवा क्षेत्र के भदोखर-भदोखरी में तैनात बागपत निवासी शिक्षक शौकिंद्र की तबीयत जहर खाने से नहीं बल्कि दर्द निवारक दवा की ओवरडोज से बिगड़ी थी। एडीएम के नेतृत्व में गठित टीम की जांच में यह बात सामने आई है। शुक्रवार देर शाम डीएम को सौंपी जांच रिपोर्ट में टीम ने दायित्वों के निर्वहन में शिक्षक की लापरवाही सामने आने की बात भी कही है। उधर, शिक्षक का रोका गया वेतन जारी कर दिया गया है।
इटवा ब्लाॅक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय भदोखर-भदोखरी में तैनात शिक्षक शौकिंद्र की बुधवार देर शाम तबीयत बिगड़ गई थी जिसके बाद उन्हें पहले एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां से सीएचसी इटवा रेफर कर दिया गया था। शिक्षक की हालत गंभीर देख सीएचसी इटवा के डाॅक्टरों ने जिला अस्पताल सिद्धार्थनगर रेफर कर दिया था और फिर उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। शिक्षक द्वारा बीईओ इटवा पर वेतन बाधित कर प्रताड़ित करने का आरोप लगाए जाने पर डीएम ने एडीएम गौरव श्रीवास्तव के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी थी। इस जांच कमेटी में बीएसए और सीएमएस को भी शामिल किया गया था।
जांच कमेटी ने शुक्रवार देर शाम डीएम को सौंपी रिपोर्ट में बताया है कि इस मामले में पूछताछ में मेडिकल कॉलेज में भर्ती शिक्षक शौकिंद्र ने बताया कि उनके विद्यालय के 16 बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र के आवेदन बीईओ कार्यालय न भेजे जाने पर उनका सितंबर का वेतन रोक दिया गया था। उन्होंने बीएसए से भी अनुरोध किया लेकिन वेतन नहीं जारी किया गया। बीते बुधवार को उन्होंने त्योहार का हवाला देते हुए बीईओ से अनुरोध किया लेकिन कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। इससे तनाव बढ़ता गया और तनाव के बीच दर्द व बुखार महसूस उन्होंने दर्द निवारक गोलियां खा लीं। कुछ देर बाद उल्टियां शुरू हो गईं तो उन्हें अस्पताल ले जाया गया। रिपोर्ट में टीम ने बताया है कि मेडिकल जांच में भी शिक्षक के दर्द निवारक दवा की ओवरडोज लेने की पुष्टि हुई है।
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बीईओ ने लगाया अभद्रता का आरोप
जांच टीम की पूछताछ में बीईओ राजेश कुमार ने कहा है कि शौकिंद्र अपने दायित्वों के प्रति उदासीन रहते हैं और अक्सर हस्ताक्षर बनाकर विद्यालय से अनुपस्थित रहते हैं। 26 जुलाई और नौ अक्तूबर को दोपहर 1:50 बजे जांच में विद्यालय बंद पाया गया था। बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र बनवानेे में भी उन्होंने लापरवाही बरती। जन्म प्रमाणपत्र मामले में शौकिंद्र समेत ब्लॉक क्षेत्र के पांच शिक्षकों का वेतन बाधित किया गया था। बीईओ ने शिक्षक पर अभद्रता और अनुशासनहीनता का भी आरोप लगाया। कहा कि, 15 अक्तूबर को शौकिंद्र ने धमकी भी दी।
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कोट
शिक्षक प्रकरण की जांच की गई। शिक्षक की कार्यों के प्रति लापरवाही की बात सामने आई है। वहीं मेडिकल रिपोर्ट में पता चला है कि जहर नहीं बल्कि दर्द निवारक गोलियों की ओवरडोज से उनकी तबीयत बिगड़ी थी। यह रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी गई है।
- गौरव श्रीवास्तव, एडीएम, सिद्धार्थनगर