- 20 किमी दूर विश्वविद्यालय के लिए निजी वाहन चालक वसूलते रहे 60 रुपये
- सुविधाएं बढ़ने से विश्वविद्यालय में बढ़ने लगे छात्र, अधिक किराया होने से छोड़ रहे क्लास
सिद्धार्थनगर। जिला मुख्यालय से सिद्धार्थ विश्वविद्यालय तक जाने वाले छात्रों के लिए प्राइवेट वाहन चालकों ने मनमाना किराया वसूलना शुरू कर दिया है। इससे वहां पढ़ने वाले छात्रों की मुसीबत बढ़ गई है। इससे आए दिन छात्रों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वहीं किराया अधिक होने से छात्र-छात्राओं की क्लास भी छूट रही है।
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय जिला मुख्यालय से 20 किमी दूर होने से सैकड़ों छात्रों को प्राइवेट वाहनों से यात्रा करते हैं। प्राइवेट वाहन चालक उनसे मनमाना किराया वसूल रहे हैं। जिला मुख्यालय से मात्र 20 किमी दूरी पर बने विश्वविद्यालय तक जाने के लिए छात्र-छात्राओं से 60 रुपये किराया वसूला जा रहा है। वहीं यदि बर्डपुर से ऑटो व ई-रिक्शा बदलना पड़ा है, जिससे उन्हें 80 रुपये खर्च करने पड़ जाते हैं। ऐसे में उन्हें आने व जाने में प्रतिदिन 160 रुपये किराया देना पड़ रहा है।
किराया अधिक होने से छात्रों को प्रतिदिन क्लास करने जाने में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। छात्र-छात्राओं के अनुसार सड़क खराब होने से ऑटो चालकों ने किराया बढ़ाया था, लेकिन अब सड़क का निमार्ण कार्य पूरा हो गया है उसके बाद भी ऑटो और ई-रिक्शा चालकों ने किराए में कोई अंतर नहीं आया है। इससे पढ़ाई बाधित हो रही हैं। छात्रा, देवांशी, अनुराधा, ज्योति, गुड़िया ने बताया कि प्राइवेट वाहनों के मनमाना किराया से परेशानी बढ़ गई है।
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विश्वविद्यालय में मौजूद हैं तीन बस
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में तीन बस मौजूद हैं, लेकिन सभी बसों में पर्याप्त छात्र-छात्राओं ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है। इससे अन्य छात्र-छात्राओं को प्राइवेट और निजी वाहन से जाना पड़ता है। पिछले वर्ष कुलपति प्रो. कविता शाह ने मुख्यमंत्री से इलेक्टि्रक बस की मांग की थी, लेकिन उसके स्थान पर रोडवेज बस का संचालन करवाया गया। लेकिन अब इसकी सुविधा भी छात्र-छात्राओं को नहीं मिल पा रही है। संवाद