ग्रेटर नोएडा। प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन को 17 मई तक बढ़ा दिया है। इसके बाद उद्यमियों ने कुछ और छूट मांगी है, ताकि उद्योगों में सही से काम हो सके। उद्यमियों का कहना है कि छूट का पूरा फायदा नहीं मिल रहा है। ऑटो नहीं चलने से कर्मचारी कंपनियों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। वहीं, उद्यमियों ने ऑनलाइन बैठक में भी जिलाधिकारी के समक्ष अपनी समस्याओं को रखा है।
उद्यमियों का कहना है कि कोरोना संक्रमण की कड़ी तोड़ने के लिए लॉकडाउन जरूरी है। सभी उद्यमी सरकार के फैसले का स्वागत करते हैं। सरकार ने लॉकडाउन में उद्योगों को चलाने की छूट दी है, लेकिन इसका फायदा नहीं मिल रहा है। लॉकडाउन में केवल सार्वजनिक परिवहन के संचालन की अनुमति है। जबकि, कोई भी औद्योगिक सेक्टर सार्वजनिक यातायात से जुड़ा नहीं है। सभी ऑटो पर निर्भर हैं। लॉकडाउन में ऑटो बंद होने से कर्मचारी कंपनियों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे कई कर्मचारियों ने आना बंद कर दिया है। जबकि, कई अपने घर जा चुके हैं। सरकार को ऑटो चलने की छूट देनी चाहिए।
वहीं, लॉकडाउन के कारण दिल्ली में कच्चे मॉल का बाजार बंद है। वहां से माल नहीं आ पा रहा है। इसकी व्यवस्था करनी चाहिए। प्राधिकरण उद्यमियों से अपना भुगतान समय पर मांग रहा है, लेकिन इस समय उद्यमियों के पास पैसा नहीं है। पैसा नहीं देने पर प्राधिकरण की तरफ से ब्याज लगाया जा रहा है। वहीं, औद्योगिक सेक्टरों में चोरी की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। उद्यमियों ने बताया कि सोमवार को डीएम ने भी ऑनलाइन बैठक की थी। इसमें भी सभी समस्याओं को रखा गया। जिलाधिकारी ने समस्याओं का निस्तारण करने का आश्वासन दिया है। व्यापारी भी लगातार लॉकडाउन बढ़ने से परेशान हैं।
दिल्ली से कच्चा माल आने में दिक्कत हो रही है। ट्रांसपोर्ट भी महंगा हो गया है। सरकार को इस तरफ भी ध्यान देना होगा।
- सबरजीत सिंह, उद्यमी
कंपनियों तक कर्मचारियों के पहुंचने की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में कंपनी चलाना मुश्किल है। सरकार को कुछ करना चाहिए।
- रमेश चंद शुक्ल, उद्यमी