शार्प शूटर ने हरियाणा में कार बुलेट प्रूफ कराई थी। स्कॉर्पियो को बुलेट प्रूफ बनाने के लिए उसके शीशे बदलवाए गए हैं। साथ ही दरवाजों पर लोहे की अतिरिक्त शीटें लगवाई गईं हैं। छत के हिस्से को भी हैवी करवाया गया।
गिरफ्तार शार्प शूटर संदीप नागर के पास से बरामद स्कॉर्पियो हरियाणा में बुलेट प्रूफ कराई गई थी। हालांकि इसकी जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हरियाणा में किस जगह उसे बुलेट प्रूफ कराया गया था। अहम है कि साधारण गाड़ियों को बुलेट प्रूफ बनाने का काम पंजाब और वेस्ट यूपी में भी होता है।
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शुक्रवार रात को बरामद स्कॉर्पियो को बुलेट प्रूफ बनाने के लिए उसके शीशे बदलवाए गए हैं। साथ ही दरवाजों पर लोहे की अतिरिक्त शीटें लगवाई गईं हैं। छत के हिस्से को भी हैवी करवाया गया। लोहे की अतिरिक्त शीटें लगने से स्कॉर्पियो का वजन भी बढ़ गया है। गाड़ी को बरामद कर थाने लेकर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने बताया कि दरवाजे खोलते समय और बंद करते समय सामान्य से अधिक समय लगता है।
कंपनी मेड बुलेट प्रूफ कारों के पार्ट्स से लेकर चेसिस तक अलग
ऑटोमोबाइल्स के जानकर सेक्टर अल्फा-1 निवासी नारायण सरीन कहते हैं कि जो बुलेट प्रूफ गाड़ियां कंपनी से ही बुलेट प्रूफ बनकर आती हैं। उनकी चेसिस से लेकर पार्ट्स तक अलग होते हैं। ऐसी गाड़ियों का इंजन भी भारी वजन को ढो सकते की क्षमता को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाता है।
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उन गाड़ियों का बुलेट परीक्षण भी होता है। इसके अलावा जो गाड़ियां बाहर से बुलेट प्रूफ कराई जाती हैं उन पर बुलेट परीक्षण नहीं होता। वह अनुमान के आधार पर तैयार करा ली जाती हैं।
आरटीओ से अनुमति जरूरी
पुलिस के मुताबिक, वाहनों को बुलेटप्रूफ कारों में बदलने के लिए अनुमति आवश्यक है। हालांकि आमतौर पस्लोग वाहन मॉडीफाई कराने और गाड़ी को मजबूत कराने के दायरे में काम करवा लेते हैं। बिना परिवहन विभाग की स्वीकृति के मॉडीफाई या गाड़ी में बदलाव करने पर आरटीओ विभाग कार्रवाई कर सकता है।
पूरी तरह बुलेट प्रूफ गाड़ियों के लिए नियम
कानूनी रूप से बुलेटप्रूफ कारें खरीदने के लिए नियमों का पालन करना होता है और आवश्यक परमिट प्राप्त करना होगा। निजी और व्यावसायिक उपयोग के लिए इस्तेमाल की जाने वाली बुलेटप्रूफ कारों के लिए अलग-अलग नियम हैं। व्यावसायिक बुलेट प्रूफ वाहनों को अतिरिक्त सुरक्षा मानकों को पूरा करना होता है। बुलेटप्रूफ कारें भारत में कानूनी रूप से आयात की जाती हैं, लेकिन इसके लिए भी परमिट प्राप्त करना होगा।
बरामद की गई स्कॉर्पियो संभवत
हरियणा में मॉडिफाई कराई गई है। इसकी जांच जारी है। मॉडिफिकेशन के नाम पर गाड़ियां मजबूत कराई जाती हैं। इन्हें स्थानीय लोग बुलेट प्रूफ कह देते हैं। - साद मियां खान, डीसीपी ग्रेटर नोएडा
महिलाओं ने लगाए तोड़फोड़ के आरोप
शनिवार को पुलिस के पहरे में महिलाएं ही घरेलू कामकाज करती दिखाई दी। वहीं गांव की महिलाओं ने पुलिस पर संदीप को गिरफ्तार के बाद भी घरों में तोड़फोड़ का आरोप लगाया है। ग्रामीण रामवीर का परिवार एक कार्यक्रम में गया हुआ था। आरोप है कि इसके बाद भी पुलिस ने घर में चूल्हे, चारपाई व पंखा आदि तोड़ दिए। पुलिस पर नरेश, रोहतास और चमन के घरों में भी नाबालिग बच्चों की पिटाई और तोड़फोड़ का आरोप लगा है।
फौजी का बेटा बना शार्प शूटर
संदीप के पिता भीम सिंह और चाचा फौजी थे। वर्ष 1988 में संदीप यूपी पुलिस में भर्ती हुआ था। विभाग में काम करते-करते उसकी मुलाकात बदमाशों के गिरोह से होने लगी। साल 2006 में बदमाशों से जुड़े होने के साक्ष्य मिलने पर नौकरी से बर्खास्त कर दिया। इसके बाद वह सुंदर भाटी गिरोह का शार्प शूटर बन गया। उस पर कई जिलों में केस दर्ज हैं।