- यमुना प्राधिकरण ने महायोजना को मंजूरी देने से पहले शुरू कराया परीक्षण
- जीबीयू के स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर को दी गई जिम्मेदारी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के आगरा अर्बन सेंटर में मुगलकालीन और ब्रज की साझी विरासत दिखाई देगी। आगरा अर्बन सेंटर की महायोजना में इसे शामिल किए जाने की योजना पर प्राधिकरण ने काम शुरू कराया है। यह काम गौतम बुद्ध विवि के आर्किटेक्ट विभाग को दिया गया है। प्राधिकरण की मंशा है कि बाकी औद्योगिक शहरों की तरह यहां भी विकास कराए जाने की जगह आगरा की संस्कृति और परिवेश को दर्शाया जाए।
सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि करीब 30 हजार एकड़ में आगरा अर्बन सेंटर का विकास होना है। इसके लिए महायोजना तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। महायोजना को अंतिम रूप से देने से पहले यह परीक्षण जरूरी है कि आर्किटेक्चर के संदर्भ में इसका परीक्षण हो। इससे हम आगरा को यहां प्रतिबिंबित कर पाएंगे।
गौतम बुद्ध विवि के विशेषज्ञों की टीम हमारी एजेंसी के बनाए महायोजना के ड्राफ्ट का परीक्षण करेगी। उनके सुझावों को महायोजना में शामिल कराते हुए इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
शुरुआती विमर्श में यह सामने आया है कि आगरा की पहचान वहां मौजूद ताजमहल से है। मुगलकालीन शहर होने की वजह से आर्किटेक्चर पर भी इसका असर वहां दिखता है। ऐसे में नए बस रहे आगरा अर्बन सेंटर में भी इसे समावेशित करने का सुझाव आया।
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जल्द होगा महायोजना का प्रजेंटेशन
जीबीयू और एजेंसी संयुक्त रूप से यह काम करेंगे। एक प्रजेंटेशन भी इसके लिए यमुना प्राधिकरण में होना है। इसमें यह तय हो जाएगा कि किन बिंदुओं को महायोजना में शामिल किया जाए। इसके अलावा आगरा को सांकेतिक रूप से अर्बन सेंटर में शामिल करने के कौनसे प्राेजेक्ट पर काम करने की जरूरत होगी। इस पर भी चर्चा हो सकेगी।