ग्रेटर नोएडा। शारदा विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान की परीक्षा में नाजीवाद से हिंदुत्व की तुलना करते हुए सवाल वाले असिस्टेंट प्रोफेसर वकास फारूख मंगलवार को जांच कमेटी के समक्ष पेश नहीं हुआ। विवि ने असिस्टेंट प्रोफेसर को फिर से नोटिस भेजा है। इसमें कहा गया है कि यदि वह उपस्थित नहीं होगा, तो विश्वविद्यालय एक पक्षीय कार्रवाई के लिए बाध्य होगा। वहीं, शारदा विवि ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी दे दी है।
शारदा विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार व मीडिया निदेशक डॉ. अजीत कुमार ने बताया कि प्रोफेसर ने अब तक कमेटी के सामने उपस्थित होकर जवाब नहीं दिया। नोटिस जारी कर उनसे पूछा गया है कि वह कब तक जवाब देंगे। अनुबंध के आधार पर प्रोफेसर की नियुक्ति 31 मई तक है। प्रोफेसर के जवाब के आधार पर कमेटी अनुबंध के मामले में कमेटी निर्णय लेगी। वहीं, विश्वविद्यालय ने कॉपियों के मूल्यांकन से विवादित प्रश्न को निरस्त कर दिया है। विवादित प्रश्न के लिए सभी विद्यार्थियों को औसत नंबर दिए जाएंगे। विवि ने आयोग को बताया कि यह आंतरिक परीक्षा थी, इस कारण प्रश्न की मॉनिटरिंग नहीं हो पाई थी।
जनवरी में ही किया था ज्वाइन
वकास फारूख ने इसी वर्ष जनवरी में ही एडहॉक पर असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर ज्वाइन किया था। 31 मई को कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
फोन पर जताई माफी
शारदा विश्वविद्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वकास फारूख ने उनसे कहा है कि उसका इरादा किसी की भावना को आहत करने का नहीं था। हालांकि इस मुद्दे पर वकास से पुष्टि नहीं हुई है।