- गुजारा भत्ते की रकम हड़पने के मामले में कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। पति से चल रहे वैवाहिक विवाद में कोर्ट के आदेश पर मिली गुजारा भत्ते की रकम को हड़पने का मामला सामने आया है। इंदिरापुरम गाजियाबाद निवासी किरन तोमर की तहरीर पर बीटा-2 थाने में उनके भाई और भाभी के खिलाफ बृहस्पतिवार को प्राथमिकी दर्ज की है।
शिकायतकर्ता किरन का अपने पति सूरज तोमर से वैवाहिक विवाद चल रहा था। फैमिली कोर्ट गौतमबुद्ध नगर ने किरन को 20 हजार रुपये और उनकी दोनों नाबालिग बेटियों दर्शना व हिमान्द्री को 15-15 हजार रुपये प्रतिमाह देने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस आदेश को कायम रखा। इसके बाद सूरज ने तीनों के बैंक ऑफ बड़ौदा खातों में करीब 53 लाख रुपये जमा कराए। उनके चल रहे सभी मुकदमों की पैरवी सेक्टर गामा-1 निवासी भाई सुधीर और भाभी रीना करते थे। वह खुद भी उनकी कंपनी में नौकरी करती थीं। आरोप है कि दोनों ने बहला-फुसलाकर किरन और उनकी बेटियों से खातों के ऑनलाइन पासवर्ड फर्जी तरीके से हासिल कर लिए। शक होने पर किरन ने बैंक स्टेटमेंट निकलवाया तो पता चला कि किरन के खाते से 24.25 लाख रुपये, बेटी दर्शना के खाते से 13.10 लाख रुपये और हिमान्द्री के खाते से 9.65 लाख रुपये, यानी कुल 47 लाख रुपये निकाले गए। यह रकम सुधीर और रीना की कंपनियों बीएस पैकेजिंग और बीएस मैन्युफैक्चरिंग एंड ट्रेडिंग कंपनी के खातों में ट्रांसफर कर ली गई।
पूछने पर मारपीट और धमकी: आरोप है कि जब किरन ने भाई-भाभी से रकम लौटाने की मांग की तो दोनों ने उनके साथ मारपीट की। साथ ही धमकी दी कि पूरा पैसा हड़प लिया है और कार्रवाई की कोशिश की तो जान से मरवा देंगे। उनके भाई पर कई मुकदमे दर्ज हैं और वह आपराधिक प्रवृत्ति का है। किरन के मुताबिक यह रकम कोर्ट ने बेटियों के भविष्य में सही ढंग से पालन-पोषण के लिए दिलाई थी। वहीं कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।