-कंपनी का दावा- सोर्स कोड, ग्राहक डेटा और गोपनीय तकनीकी जानकारी चुराकर बनाई प्रतिद्वंद्वी कंपनी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर-142 स्थित एक सॉफ्टवेयर कंपनी ने अपने पूर्व कर्मचारियों पर करोड़ों रुपये मूल्य के बौद्धिक संपदा (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी) और गोपनीय डिजिटल डेटा की चोरी का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर सेक्टर-142 कोतवाली पुलिस बुधवार को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।
सागर इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक प्रमोद गुप्ता का कहना है कि कंपनी का कॉर्पोरेट कार्यालय सेक्टर-142 स्थित कॉर्पोरेट पार्क में है। कंपनी कई वर्षों से लॉजिस्टिक्स, कूरियर मैनेजमेंट, क्लाउड आधारित सॉफ्टवेयर और सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं के क्षेत्र में कार्यरत है। कंपनी ने अपने सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म और सोर्स कोड के विकास में लंबे समय तक तकनीकी विशेषज्ञता और भारी आर्थिक निवेश किया है। कुछ कर्मचारियों ने आपसी साजिश के तहत कंपनी के स्वामित्व वाले डिजिटल संसाधनों की चोरी कर ली। आरोप है कि चोरी किए गए सोर्स कोड और तकनीकी जानकारियों के आधार पर समान प्रकार के सॉफ्टवेयर विकसित किए गए और उन्हें बाजार में व्यावसायिक रूप से उपयोग किया जाने लगा। गौतम कुमार, प्रशांत, अति कुमार और अन्य अज्ञात व्यक्तियों ने धोखाधड़ी की है। कुछ आरोपी पहले कंपनी में वरिष्ठ सॉफ्टवेयर इंजीनियर, सॉफ्टवेयर डेवलपर और सेल्स से जुड़े पदों पर कार्यरत थे। इन लोगों ने नौकरी के दौरान प्राप्त गोपनीय जानकारियों का दुरुपयोग कर प्रतिस्पर्धी संस्था स्थापित की और उसी के माध्यम से कंपनी के उत्पादों से मिलते-जुलते सॉफ्टवेयर बाजार में उतार दिए। वहीं कोतवाली प्रभारी संजय कुमार सिंह का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।