पुन्हाना/पिनगवां। पुलिस ने सात रोहिंग्याओं को हिरासत में लिया है। इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और पुलिस रोहिंग्याओं से पूछताछ कर रही है। फिलहाल, पुलिस इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रही है।
जानकारी के अनुसार, पुन्हाना के सैनी मोहल्ले में 12 वर्षों से करीब 30 परिवार एनआरसी कैंप में रह रहे हैं। पुन्हाना पुलिस ने सूचना के आधार पर एनआरसी कैंप में रहने वाले अहमद रशीद (57) के अलावा हसीना (30), इरफान हुसैन (19) तथा पिनगवां पुलिस ने गांव सटकपुरी स्थित फेयर एक्सपोर्ट मीट फैक्ट्री से सेद उल अमीन (24), मोहम्मद रिडवन (18) तथा नूर आलम को हिरासत में लिया है। लोगों का कहना है कि ये लोग बिना रिफ्यूजी कार्ड के रह रहे थे।
अहमद रशीद अपने परिवार के साथ करीब 12 साल से पुन्हाना के एनआरसी रिफ्यूजी कैंप में रह रहे हैं। इनका करीब 30 लोगों का परिवार हैं। अहमद ने बर्मा में रहने वाली हसीना के साथ फोन से निकाह किया है। हसीना के करीब तीन वर्ष का बच्चा भी हैै। करीब 10-15 दिन पहले अहमद रशीद का पौत्र इरफान अवैध तरीके से बॉर्डर पास कराकर हसीना को पुन्हाना लेकर आया था। वहीं, सूत्रों ने बताया कि पिनगवां पुलिस को पता चला कि गांव सटकपुरी स्थित फेयर ऐक्सपोर्ट मीट फैक्ट्री में सेद उल अमीन, मोहम्मद रिडवन तथा नूर आलम बिना रिफ्यूजी कार्डों के नौकरी कर रहे हैं। फिलहाल, पुन्हाना और पिनगवां पुलिस दोनो मामलों की जांच कर रही है। अब जांच के बाद ही पता चलेगा कि हिरासत में लिए गए रोहिग्याओं के पास रिफ्यूजी कार्ड है या नहीं।
इस बारे में पुन्हाना से कांग्रेस विधायक मोहम्मद इलयास के बेटे एडवोकेट जावेद खान का कहना है कि गांव सटकपुरी स्थित फेयर ऐक्सपोर्ट मीट फैक्ट्री में मजदूर और ठेकेदार ज्यादातर रोहिंग्या, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार आदि जगहों के रहने वाले हैं। इस मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए। फेयर एक्सपोर्ट मीट फैक्ट्री के जनरल मैनेजर रशीद का कहना है कि उनके पास जो रोहिंग्या लोग काम करते हैं, उनके पास वैध कागजात हैं। वे कंपनी में बिना जांच के किसी आदमी को नहीं रखते हैं।
पूछताछ की जा रही है
पुन्हाना के डीएसपी शमशेर सिंह ने कहा कि कुछ विदेशियों को हिरासत में लिया गया है। इन लोगों से पूछताछ जारी है। अगर इन लोगों के पास सही दस्तावेज है तो छोड़ दिया जाएगा, नहीं तो सख्त कार्रवाई होगी।