ग्रेटर नोएडा में सत्र अदालत ने पत्नी की हत्या में पति और उसके भाई समेत तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दादरी निवासी आरोपी ईनाम और उसके भाई बब्लू के अलावा बुलंदशहर निवासी एक अन्य व्यक्ति आजाद को आजीवन कारावास की सुनाई। दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर दोषियों को 1-1 वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार 16 जुलाई 2015 की रात इस्लामुद्दीन ने दादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उसकी बहन वरीसा की शादी करीब 15 साल पहले इनाम से हुई थी। वह मूल रूप से हापुड़ के रहने वाले हैं। शादी के बाद दंपती के चार बच्चे हैं। वादी का आरोप है कि बहनोई इनाम काफी समय से उसकी बहन को तरह-तरह से प्रताड़ित करता था। जिससे दोनों में झगड़ा रहता था।
घटना के दिन दोपहर करीब डेढ़ बजे इनाम वरीसा को कमरे में ले गया। उसके साथ उसका बड़ा भाई बबलू के अलावा एक अन्य युवक आजाद भी थे। आरोप है कि इनाम ने बच्चों को घर से बाहर भेज दिया। कुछ देर बाद तीनों पसीने से तर होकर बाहर निकले। बच्चों के मां के बारे में पूछने पर उन्हें ननिहाल जाने को कहा गया। वरीसा के मायके में भी खबर भिजवा दी गई कि वह नहीं मिल रही। शक होने पर इस्लामुद्दीन किदवई नगर पहुंचा तो घर का सामान अस्त-व्यस्त मिला।
बेड खोलने पर उसकी बहन का शव अंदर पड़ा मिला था। मामले में परिजन की शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मामले में पुलिस की ओर से आरोपियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में चार्जशीट दाखिल की गई थी। करीब 11 साल चले मामले में अदालत ने आरोपियों को दोषी करार दिया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कम सजा की मांग की थी। वहीं अभियोजन की ओर से अतिरिक्त सजा की मांग की गई थी। अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
पत्नी पर शक करता था आरोपी पति
पुलिस जांच में पता चला था कि आरोपी ने अपनी पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और मृतका के पति इनाम को गिरफ्तार किया था। आरोपी इनाम अपनी पत्नी वरीसा पर शक करता था। जिसके चलते दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। हत्या वाले दिन दोनों के बीच इसी बात को लेकर झगड़ा हुआ, जिसके बाद इनाम ने वरीसा की गला घोंटकर हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया था।