कानपुर। बिल्हौर ब्लॉक में करीब 10 वर्ष तक तैनात खंड प्रेरक मोनू की डीपीआरओ मनोज कुमार ने सेवाएं समाप्त कर ब्लाॅक से हटाने के निर्देश दिए। खंड प्रेरक पर चचेरे भाई की फर्म को लाखों रुपये का भुगतान करने और ग्राम पंचायतों में ठेकेदारी कर लाखों रुपये की कमाई कर पेट्रोल पंप खोलने का आरोप था। डीपीआरओ ने जांच की तो आरोप सही पाए। जिला स्वच्छता समिति की बैठक में सीडीओ दीक्षा जैन ने दोषी पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
बीते दो माह पहले ग्रामीण रमेश, कमलेश ने जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह को शिकायती पत्र देकर बताया था कि खंड प्रेरक मोनू सुभानपुर मुरादनगर का निवासी है। उसने चचेरे भाई विशाल के नाम पर मेसर्स विशाल आर्ट्स के नाम पर वॉल पेंटिंग की फर्म बना रखी है। ब्लॉक की कई ग्राम पंचायतों में ठेकेदारी करके लाखों रुपये की चपत लगाई है। वह सचिवों को धमकाकर काम लेता था। बिल्हौर में श्री फिलिंग स्टेशन नाम से पेट्रोल पंप भी खोला है। इस पर सीडीओ ने बिल्हौर से हटाकर चौबेपुर ब्लाॅक में तैनात कर दिया है। डीएम ने उपायुक्त मनरेगा और डीपीआरओ को जांच करने के निर्देश दिए थे। ब्यूरो