कानपुर। वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) की नई व्यवस्था शुरू होने के बाद रजिस्ट्री विभाग का सर्वर लोगों को रुलाने लगा है। सोमवार को सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक सर्वर ठप रहने से करीब 150 रजिस्ट्रियां नहीं हो सकीं। घंटों इंतजार के बाद लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा। इससे करीब 1.50 करोड़ रुपये राजस्व नहीं जमा हो सका।
निबंधन कार्यालय में अब ओटीपी आधारित रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू हुई है। इससे जमीनों की बिक्री में फर्जीवाड़े पर तो रोक लगी है लेकिन रजिस्ट्री कराने वाले लोगों की समस्याएं बढ़ गई हैं। नए साफ्टवेयर से जब तक क्रेता-विक्रेता के मोबाइल पर ओटीपी नहीं आएगा तब तक रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी। इससे रजिस्ट्री कराने में काफी समय लग रहा है। जिले की सदर तहसील में सबसे ज्यादा रजिस्ट्रियां होती हैं।
सदर तहसील में साधारण दिनों में करीब 200, बिल्हौर, नरवल व घाटमपुर तहसील में करीब 50-50 रजिस्ट्रियां होती हैं। सोमवार को सुबह से ही सर्वर ठप रहा। लोग रजिस्ट्री के कागजात तैयार कर कार्यालय के बाहर खड़े रहे लेकिन दो बजे तक सर्वर ने काम नहीं किया। एआईजी स्टांप श्याम सिंह बिसेन ने बताया कि दोपहर तक सर्वर नहीं आने से 150 रजिस्ट्री नहीं हो सकीं। इससे करीब 1.50 करोड़ के राजस्व की हानि हुई। शाम तक सभी तहसीलों को मिलाकर 200 रजिस्ट्रियां हुईं।