न्यायिक जांच की मांग, बैठक में बेहोश हो गए थे उपायुक्त
अपर आयुक्त ने आरोपों को गलत बताया, कहा-कोई विवाद नहीं
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जीएसटी विभाग के एक उपायुक्त की पत्नी ने अपर आयुक्त पर उत्पीड़न समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इसकी लिखित शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कर न्यायिक जांच की मांग की है। आरोप है कि बैठक में उनके पति के साथ अभद्रता की गए, जिससे वे बेहोश हो गए। उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया। पिछले साल से उच्च अधिकारी उनके पति का उत्पीड़न कर रहे हैं। उन्होंने सीएम से सभी तथ्यों की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही वे अपने पति को लेकर वाराणसी चली गई हैं। आरोप है कि उच्च अधिकारी अब समझौता करने का दबाव बना रहे हैं। जबकि उनके पति के अंदर डर बैठ गया है।
जीएसटी विभाग के गौतमबुद्ध नगर जोन के खंड-12 के उपायुक्त वेद प्रकाश सिंह की 12 जून को बैठक के दौरान अचानक तबीयत खराब हो गई थी। बेहोश होने पर उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी पत्नी शोभिता सिंह का आरोप है कि 12 जून की दोपहर 4 बजे विभाग के एक अधिकारी का फोन आया और बताया कि वेद प्रकाश सिंह की तबीयत बिगड़ गई है और नोएडा आ जाओ। वह बेटी के साथ अस्पताल पहुंचीं तो उनके पति आईसीयू में भर्ती थे। वहां डॉक्टरों ने बताया कि कोई शारीरिक बीमारी नहीं है, किसी बात का आघात लगा है और डिप्रेशन में हैं। जब पति से पूछा तो बताया कि बैठक में अपर आयुक्त संदीप भागिया ने
गाली गलौज की और अपमानित करने के मकसद से अभद्रता की। पेन भी फेंककर मारा। उस समय दौरा पड़ा और बेहोश होने के बाद कुछ नहीं पता। उपायुक्त की पत्नी का कहना है कि 14 जून को विभाग के कुछ साथी हालचाल जानने घर आए तो सहमे पति ने उनसे मिलने से इन्कार कर दिया। आरोप है कि 14 जून से अपर आयुक्त पति पर मिलने का दबाव बना रहे हैं जबकि पति ने अपर आयुक्त के सामने जाने से इन्कार कर दिया। उनके अंदर डर बैठ गया है। 15 जून को वह पति को लेकर वाराणसी चली गईं। पत्नी ने सीएम से जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की है।
पिछले साल भी खराब हो चुकी है तबीयत
पत्नी शोभिता सिंह ने शिकायत में कहा है कि उनकी बेटी वाराणसी से मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। वह बेटी के साथ रहती हैं। पति हर माह उनसे मिलने आते थे, लेकिन मौजूदा अपर आयुक्त की तैनाती के बाद से दो-दो माह बाद भी मिलने आना मुश्किल हो गया। नवंबर 2025 में उनकी तबीयत बिगड़ गई। इलाज के बाद वह छुट्टी लेकर वाराणसी चले गए। वहां तबीयत ठीक होने के बाद 31 दिसंबर को फिर से कार्यभार संभाला। उसके बाद भी उनको फिटनेस सर्टिफिकेट के नाम पर परेशान किया गया।
पहले भी उनकी तबीयत बिगड़ चुकी है तब मीटिंग नहीं थी, लेकिन अब मीटिंग में अचानक तबीयत खराब हो गई। उनकी तबीयत अब ठीक है और अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है। उनको कुछ दिन आराम करने को कहा गया है। सभी आरोप गलत हैं और किसी तरह का विवाद नहीं है।
-संदीप भागिया, अपर आयुक्त, जीएसटी गौतमबुद्ध नगर जोन