अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। नए प्रदेश अध्यक्ष के पद संभालने के कार्यक्रम में हरियाणा कांग्रेस के सभी धड़े गुटबाजी के खिलाफ नसीहत देते नजर आए। वरिष्ठ नेताओं ने नए अध्यक्ष से सख्त रुख अपनाने की अपेक्षा करते हुए कार्यकर्ताओं का मनोबल उठाने की उम्मीद जताई। वरिष्ठ नेताओं के संबोधन में विधानसभा चुनाव में मिली हार की टीस भी नजर आई।
राव नरेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में प्रदेश प्रभारी बीके हरिप्रसाद से अनुशासन समिति बनाने की मांग की। उन्होंने नेताओं के नाम से नारेबाजी पर आपत्ति जताते हुए कार्यकर्ताओं से अपील कि किसी नेता के नाम को लेकर नारेबाजी करने की जगह केवल कांग्रेस जिंदाबाद के नारे लगाएं। कांग्रेस की मजबूती में सभी की मजबूती है। राव नरेंद्र ने कहा कि कोई भी कार्यक्रम करने से पहले नेता संगठन से मंजूरी जरूर लें।
पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा व प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र को बधाई देते हुए कहा कि शीर्ष नेतृत्व के फैसले को स्वीकार करके चलना चाहिए और समय से कार्यकारिणी बनेगी तो अच्छा होगा। वोट फीसदी बढ़ने से क्या हुआ चुनाव तो नहीं जीते। राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं में निराशा, सवाल व उम्मीद है। एकजुट होकर हल नहीं निकालने तक कुछ संभव नहीं है।
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आप दो घंटे में संगठन बना सकते हैं : बीरेंद्र
बीरेंद्र सिंह के संबोधन के दौरान भूपेंद्र सिंह हुड्डा कुछ बोले तो उन्होंने कहा कि आपके 37 विधायक हैं। आप दो घंटे में संगठन तैयार कर सकते हैं लेकिन उसमें भेदभाव नहीं हो। इस पर खूब तालिया भी बजीं।
हुड्डा ने बातों-बातों में साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने रणदीप सुरजेवाला को अजीज बताया और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष उदयभान के कार्यकाल की प्रशंसा की। उन्होंने गुटबाजी व गलत टिकट वितरण पर कहा कि सच कोई नहीं कह सका। मैं भी नहीं कह सकता हूं क्योंकि पार्टी के नियमों से बंधा हूं। सरकार क्यों नहीं बनी यह मैं भी जानता हूं और लोग भी जानते हैं। मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं होना चाहिए।
यह पुरानी कांग्रेस नहीं, अपनों के साथ गुटबाजी नहीं : हरिप्रसाद
प्रदेश प्रभारी बीके हरिप्रसाद ने बीरेंद्र सिंह के राव और हुड्डा को पदाधिकारी बनवाने के बयान पर कहा कि चौधरी साहब यह पुरानी कांग्रेस नहीं है। सिस्टम बदल चुका है और शीर्ष नेतृत्व चयन करता है। गुटबाजी जरूरी है मगर अपनों के साथ मत करिए। राजनीति में कहा जाता है की जो जीता वहीं सिकंदर। यह लड़ाई सीएम, सांसद, मंत्री, विधायक या चेयरमैन बनने की नहीं है। ये लड़ाई पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह और आरएसएस के खिलाफ है। मनोहर लाल पर निशाना साधते हुए बोले कि जिसका कभी बेस नहीं देखा वो तीसरी बार सत्ता में आ गए। कभी किसी को हल्के में नहीं लेना चाहिए।