संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। शहर में अलग-अलग आठ स्थानों में हो रहे रामलीला मंचन में सोमवार को कलाकारों ने राम-शबरी मिलन, राम-हनुमान मिलन, सुग्रीव मित्रता, बाली वध, लंका दहन, विभीषण शरणागती, रामेश्वरम स्थापना, अशोक वाटिका, रावण-अंगद संवाद, लक्ष्मण मूर्छा, कुंभकरण वध, भरत मिलाप, नारद-शूर्पणखा संवाद, सीता हरण, राम वियोग, जटायु मरण आदि प्रसंगों की शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंचन की शुरुआत गणेश वंदना के साथ हुई। दर्शकों ने रामलीला मैदानों में लगे मेले में झूले के साथ स्वादिष्ट व्यंजनों का भी लुत्फ उठाया।
राम ने की रामेश्वरम की स्थापना
ग्रेनो के सूरजपुर स्थित रामलीला मैदान पर श्री आदर्श रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित रामलीला में श्री राम-शबरी मिलन, राम-हनुमान मिलन, सुग्रीव मित्रता, बाली वध, लंका दहन, विभीषण शरणागती, रामेश्वरम स्थापना आदि का मंचन किया गया। महामंत्री सत्यपाल शर्मा ने बताया कि सीता की तलाश में राम भाई लक्ष्मण के साथ दंडकारण्य वन में ऋषि मतंग के आश्रम में पहुंचें। वहां उनकी मुलाकात भक्त शबरी से हुई। शबरी राम को वानरों के राजा सुग्रीव का पता बताती है। राम-हनुमान का मिलन होता है। हनुमान दोनों भाइयों को राजा सुग्रीव के पास लेकर जाते हैं। वहीं लंका पर चढ़ाई करने से पहले राम रामेश्वरम की स्थापना करते हैं।
-हनुमान को याद दिलाई ताकत
ग्रेनो वेस्ट के गौड़ सिटी स्थित राधा-कृष्णा पार्क में श्री रामलीला सेवा ट्रस्ट की ओर से रामलीला मंचन में शबरी मिलन, सुग्रीव मित्रता, बाली वध, लंका दहन आदि संवाद की कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। मीडिया प्रभारी प्रशांत मिश्रा ने बताया कि रामलीला मंचन की शुरुआत शबरी के आश्रम में श्रीराम-लक्ष्मण के पहुंचने के साथ हुई। शबरी के बताए अनुसार राम-सुग्रीव से मित्रता करते हैं और मित्र की सहायता कर बाली का वध करते हैं। माता सीता का पता नहीं लगने पर सभी वानर हनुमान को बचपन में ऋषि द्वारा दिए गए श्राप को स्मरण कराते हैं। हनुमान समुद्र लांघ कर माता सीता का पता लगाते हैं और लंका दहन करते हैं।
हनुमान ने राम व लक्ष्मण को पहचाना
ग्रेनो वेस्ट के पुराने हैबतपुर में श्री आदर्श रामलीला सेवा ट्रस्ट की ओर से रामलीला मंचन में श्रीराम-हनुमान मिलन, सुग्रीव मित्रता, बाली वध, लंका दहन आदि संवाद की सुंदर प्रस्तुतियां दी गईं। कमेटी के अध्यक्ष कन्हैया गुप्ता ने बताया कि राम व लक्ष्मण को ऋष्यमूक पर्वत की ओर से आता देख सुग्रीव डर जाते हैं और हनुमान को पता लगाने के लिए भेजते हैं। हनुमान राम व लक्ष्मण को पहचान जाते हैं और दोनों भाइयों को राजा सुग्रीव के पास लेकर जाते हैं।
- खड़ाऊ सिर पर रखकर लौटे भरत
ग्रेनो के सेक्टर-पाई एक स्थित श्री धार्मिक रामलीला कमेटी की ओर से रामलीला मंचन की शुरुआत राम-भरत मिलाप के साथ हुई। मीडिया प्रभारी अतुल आनंद सिंह ने बताया कि राजा दशरथ के स्वर्गवास हो जाने और राम की वन जाने की सूचना पाकर नौनिहाल से भरत अयोध्या आते हैं। गुरु की आज्ञा पाकर राम को अयोध्या वापस लाने के लिए भरत परिजन समेत वन को जाते हैं। भरत राम की खड़ाऊ सिर पर रखकर वापस अयोध्या आते हैं और संन्यासी का जीवन यापन करते हैं। इस अवसर पर सुशील महाराज, हरवीर मावी, सुशील नागर, ममता तिवारी, प्रदीप शर्मा, शेर सिंह भाटी, धीरेंद्र भाटी, मनोज गुप्ता, दिनेश गुप्ता, बालकिशन, धीरज शर्मा आदि मौजूद रहे।
- राम-भरत मिलाप से दर्शक भाव-विभोर
ग्रेनो के सेक्टर साइट-4 में आयोजित रामलीला में भरत मिलाप, नारद-शूर्पणखा संवाद, खर-दूषण वध, सीता हरण, जटायु मरण, राम वियोग आदि प्रसंग की कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं। मीडिया प्रभारी विनोद कसाना ने बताया कि मंचन की शुरुआत राम-भरत मिलाप से हुई। भरत, बड़े भाई राम को राजा के स्वर्ग सिधारने की बात बताते हैं और अयोध्या वापस चलने के लिए कहते हैं। राम भरत को पिता को दिए गए वचन कहते हुए वापस जाने के लिए मना करते हैं। भाई की आज्ञा पाकर भरत चरण खड़ाऊ लेकर राजधानी वापस आते हैं और संन्यासी का जीवन यापन करते हैं। इस मिलाप से दर्शक भाव विभोर हो गए।
- सुग्रीव का किया राज्याभिषेक
दादरी (संवाद)। अग्रसेन आदर्श इंटर कॉलेज के परिसर में लव-कुश रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित रामलीला में बाली वध के बाद सुग्रीव का राज्याभिषेक व अंगद को युवराज बनाया गया। इसके बाद हनुमान वायु मार्ग से लंका जाते हैं। रास्ते में सुरसा राक्षसी का वध करते हैं। हनुमान रावण से संवाद करने के बाद लंका का दहन कर देते हैं। इस अवसर पर कमेटी के अध्यक्ष पवन बंसल, महामंत्री केशव गोयल, कोषाध्यक्ष अजय देवगन, अंकित अग्रवाल, राजीव गर्ग, वेतन शर्मा, मयंक गर्ग, संदीप सिंहल आदि लोग मौजूद रहे।