नोएडा। कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस ने रविवार को सेक्टर दो स्थित ब्रिंक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नामक कैश सिक्योरिटी एंड लॉजिस्टिक कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड की हत्या का खुलासा कर दिया। पुलिस ने इसी कंपनी में तैनात पूर्व सिक्योरिटी मैनेजर को गिरफ्तार किया है। आरोपी सिक्योरिटी मैनेजर को लॉकडाउन के दौरान कंपनी से निकाला गया था। तब उसकी सैलरी करीब सवा लाख रुपये प्रति माह थी। वह कंपनी प्रबंधन से बदला लेने के लिए नकदी चुराने कंपनी के अंदर घुसा और चोरी का विरोध करने पर गार्ड की हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपी से एक कार और हत्या में प्रयुक्त रिवाल्वर बरामद किया है। आरोपी ने सीआरपीएफ से असिस्टेंट कमांडेंट के पद से 2014 में त्यागपत्र दे दिया था और वर्ष 2018 से ब्रिंक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में रीजनल सिक्योरिटी मैनेजर के पद पर काम शुरू किया था। सितंबर 2020 में कंपनी प्रबंधन ने उसे नौकरी से निकाल दिया था।
नोएडा जोन एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि आरोपी को पुलिस ने रविवार को रजनीगंधा अंडरपास के पास से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान मित्ररांव, नजफगढ़ निवासी अरुण गहलाोत के रूप में हुई है। वह 9 फरवरी की सुबह कैश चोरी के इरादे से कंपनी में घुसा था, तभी वहां तैनात सिक्योरिटी गार्ड उत्तम केसरवानी ने उसे दबोच लिया था। इस दौरान दोनों गुत्थमगुत्था हो गए और अरुण का मास्क उतर गया। गार्ड ने उसे पहचान लिया तो अरुण ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। सीसीटीवी फुटेज और कंपनी का सिक्योरिटी रजिस्टर जांच करने के साथ कंपनी के कुछ पूर्व कर्मचारियों ने भी आरोपी की पहचान की थी। तभी से पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।
2003 में सीआरपीएफ में हुआ था भर्ती
अरुण गहलोत वर्ष 2003 में सीआरपीएफ में सब इंस्पेक्टर भर्ती हुआ था। इसके बाद प्रोन्नति पाकर असिस्टेंट कमांडेंट बन गया था। वर्ष 2014 में उसने त्याग पत्र दे दिया था। इसके बाद कई कंपनियों में सिक्योरिटी हेड के रूप में काम किया था। वर्ष 2018 में सेक्टर 2 स्थित ब्रिंक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में रीजनल सिक्योरिटी मैनेजर के पद पर नौकरी शुरू की थी। सितम्बर 2020 में कंपनी प्रबंधन ने कोविड 19 के मद्देनजर छंटनी के दौरान अरुण को नौकरी से निकाल दिया। इसी से परेशान होकर आरोपी ने कंपनी में चोरी की साजिश रच डाली।
यह था मामला
सेक्टर-2 में ब्रिंक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नाम कैश सिक्योरिटी और लॉजिस्टिक अमेरिकी कंपनी है। यह कंपनी कैश सिक्योरिटी और लॉजिस्टिक्स का काम करती है। नोएडा में चलने वाले इस सेंटर पर विभिन्न बैंकों के कैश रखे जाते हैं और यहां से सुरक्षित तरीके से पहुंचाने का काम होता है। गत 9 फरवरी को एक हथियारबंद बदमाश दीवार फांदकर कंपनी में अंदर घुस गया था। जहां सुरक्षाकर्मी 44 वर्षीय उत्तम केसरवानी ने उसे दबोच लिया था तब उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई बदमाश की पहचान बाद में अरुण के रूप में हुई।