नूंह। मेडिकल कॉलेज नलहड़ में कुछ समय पहले नौकरी से हटाए एक सिक्योरिटी गार्ड की जहरीला पदार्थ खाने से मौत हो गई। मृतक ने मरने से पहले एक सुसाइड नोट भी लिखा है, जिसमें चार नामजद व कई अन्य लोगों को जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने सुसाइड नोट व पीड़ित परिवार की शिकायत पर नामजद लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार मृतक वर्ष 2012 में मेडिकल कॉलेज नलहड़ में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम कर रहा था। 23 अक्टूबर 2019 को एसआईएस कंपनी द्वारा उसे नौकरी से हटा दिया गया।
जिसके बाद 30 नवंबर की शाम मृतक ने जहरीला पदार्थ खा लिया। परिजन ने इलाज के लिए उसे मेडिकल कॉलेज नलहड़ पहुंचाया लेकिन रात डेढ़ बजे उसने दम तोड़ दिया। मरने से पहले मृतक द्वारा लिखा एक सुसाइड नोट परिजनों को मिला। जिसमें मृतक ने अपने साथ हुए सामूहिक कुकर्म का जिक्र करने के साथ-साथ ब्लैकमेल कर लाखों ठगने की बात कही। मृतक सिक्योरिटी गार्ड ने सुसाइड नोट में कहा कि मेडिकल कॉलेज में कुछ समय पहले रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट में ड्यूटी लगा दी। ड्यूटी के दौरान एक सिक्योरिटी गार्ड सगीर बात करने के लिए दूसरे कमरे में ले गया। इस दौरान पीछे-पीछे सिक्योरिटी गार्ड सहूद, जमशेद, वार्ड ब्वॉय अनीश सहित अन्य चार लोग भी पहुंच गए।
इस दौरान सभी ने डरा धमकाकर कुकर्म की वारदात को अंजाम देते हुए वीडियो बनाई। वारदात के बाद इस बारे में किसी को बताने पर जान से मारने और वीडियो वायरल करने की धमकी दी। कुछ समय बाद ब्लैकमेल करते हुए 3 लाख रुपये ठगे। इसके बाद फिर 4 सितंबर 2019 को 15 हजार रुपये सगीर ने लिए। इसके बाद 9 सितंबर को वे फिर 15 हजार की डिमांड करने लगे। वहीं जब रुपये देने से उसने मना कर दिए तो आरोपियों ने वीडियो वायरल कर दी।
परिजनों ने कराया मुकदमा दर्ज
पीड़ित परिवार ने मामले की जानकारी सिटी थाना पुलिस को शिकायत देकर नामजद आरोपी सिक्योरिटी गार्ड सगीर, सहूद, जमशेद व वार्ड ब्वॉय अनीश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं पीड़ित परिवार का आरोप है कि मृतक को नौकरी से हटाने के बाद मृतक की माता मेडिकल कॉलेज निदेशक डॉक्टर यामिनी के पास पहुुंची, लेकिन उनकी किसी प्रकार की सुनवाई नहीं की। वहीं जब इस बारे में मेडिकल कॉलेज निदेशक डॉक्टर यामिनी को फोन किया तो उन्होंने मोबाइल रिसीव नहीं किया
कॉलेज प्रशासन तक पहुंची वायरल वीडियो
सूत्र बताते है कि मेडिकल कॉलेज में मृतक सिक्योरिटी के साथ हुई वारदात की जानकारी मेडिकल कॉलेज प्रशासन को मिल गईं। सामूहिक कुकर्म की वायरल वीडियो कई डॉक्टर व कॉलेज प्रशासन के सामने पहुंची। यहां तैनात अधिकांश कर्मचारियों को भी इस वारदात के बारे में पता चला। सभी को वारदात की जानकारी मिलने के बाद मृतक डिप्रेशन में आ गया, लेकिन कॉलेज प्रशासन और एसआईएस कंपनी की ओर से किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई।
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परिजनों की शिकायत पर चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस मामले की आगामी कार्रवाई में जुटी हुई है। इस मामले से जुड़े आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। मृतक का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया।
जगराम, सिटी थाना प्रभारी नूंह।