ई-साइकिल परियोजना लांच होने के बाद बनाया दूसरा करार पत्र
-विज्ञापन अधिकार के मानक बदल एजेंसी को फायदा पहुंचाने का आरोप, प्राधिकरण के ट्रैफिक सेल की जांच जारी
-जांच समिति सोमवार को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर अधिकारियों को अवगत कराएगी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। ई-साइकिल परियोजना में एजेंसी के मुनाफे के लिए विज्ञापन की शर्ते बदलने पर घिरे नोएडा ट्रैफिक सेल की जांच जारी है। प्राधिकरण के सीईओ के निर्देश पर बनी दो आईएएस अधिकारियों व महाप्रबंधक समिति जांच कर रही है। सूत्रों की माने तो जांच में यह खुलासा हुआ है कि पहले 30 सितंबर 2022 को तैयार हुए हुए एग्रीमेंट (करार) के आधार पर 17 अप्रैल 2023 को परियोजना लांच की गई। इसके बाद जुलाई 2023 में दूसरा एग्रीमेंट कर रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) में विज्ञापन मानक में बदलाव करते हुए आकार 50 वर्ग फुट से बढ़ाकर 100 वर्गफुट किया गया। लेकिन दूसरे एग्रीमेंट की मंजूरी को लेकर दर्ज की गई तारीख सवालों के घेरे में है।
जांच समिति यह गौर कर रही है कि अगर 2023 में ही दूसरा एग्रीमेंट हो गया था तो एजेंसी ने होर्डिंग्स लगवाने में देरी क्यों की। एजेंसी की तरफ से विज्ञापन की होर्डिंग्स 2024 के आखिर में लगवाने की शुरुआत हुई है। 2025 में एकदम से होर्डिंग्स लग गई है। एजेंसी की तरफ से एक अनुमति पत्र भी दिखाया जा रहा है। इसमें सक्षम स्तर से अनुमोदन के बाद बदलाव की बात कही गई है। प्राधिकरण में सक्षम अधिकारी सीईओ को ही माना जाता है। अब समिति दूसरे एग्रीमेंट को लेकर पूर्व अधिकारियों से भी जानकारी ले सकती है। इसके साथ ही सोमवार को प्रारंभिक रिपोर्ट समिति अधिकारियों को सौंप देगी। इसमें पूरी गडबड़ी का ताना-बाना सामने आ सकता है। यह भी माना जा रहा है कि तत्काल में कार्रवाई की सिफारिश भी समिति कर सकती है। फिलहाल जांच समिति में शामिल अधिकारी अभी कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी कर रिपोर्ट सीईओ को सौंपी जाएगी।