- फर्जी ट्रेडिंग ऐप, व्हाट्सएप-टेलीग्राम ग्रुप और नामी कंपनियों के नाम पर साइबर जाल, तीन प्राथमिकी दर्ज
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शेयर बाजार और आईपीओ में मोटे मुनाफे का झांसा देकर साइबर ठगों ने नोएडा के तीन निवेशकों से करीब 1.38 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। सेक्टर-78 स्थित महागुन मॉडर्न सोसाइटी निवासी एक शख्स को सितंबर 2025 में फेसबुक मैसेंजर के माध्यम से शेयर बाजार में निवेश का प्रस्ताव मिला। इसके बाद उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ दिया गया। ठगों ने अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराई और शुरुआती चरण में कुछ राशि वापस कर भरोसा कायम किया।
इसके बाद पीड़ित ने विभिन्न खातों में 72 लाख रुपये से अधिक निवेश कर दिए। बाद में आईपीओ में अधिक लाभ दिलाने के नाम पर अतिरिक्त धनराशि जमा कराने का दबाव बनाया गया। मना करने पर पहले से जमा रकम जब्त करने की धमकी दी गई, जिसके बाद उन्हें धोखाधड़ी का अहसास हुआ।
दूसरे मामले में सेक्टर-78 स्थित द हाइड पार्क निवासी एक शख्स को टाटा कैपिटल और टाटा सिक्योरिटीज के नाम का इस्तेमाल करने वाले एक व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा गया। उन्हें एक फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराया गया और निवेश के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने अलग-अलग किश्तों में 52.49 लाख रुपये जमा कर दिए। जब रकम निकालने का प्रयास किया तो पहले सर्विस चार्ज और बाद में 21.33 लाख रुपये टैक्स जमा करने की मांग की गई। कंपनी से संपर्क करने पर उन्हें पता चला कि उनके नाम का दुरुपयोग कर साइबर ठगी की गई है।
तीसरे मामले में सेक्टर-108 निवासी देवेंद्र सिंह रावत को टेलीग्राम ग्रुप के जरिए निवेश का झांसा दिया गया। बेहतर रिटर्न का भरोसा दिलाकर उनसे अलग-अलग खातों में 13.12 लाख रुपये जमा करा लिए गए। बाद में न तो निवेश की रकम वापस मिली और न ही कोई लाभ। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि तीनों मामलों में बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, डिजिटल लेनदेन और चैट रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
बचाव के उपाय
- सोशल मीडिया, व्हाट्सएप या टेलीग्राम पर मिले निवेश के प्रस्तावों पर आंख बंद कर भरोसा न करें।
- किसी भी ट्रेडिंग ऐप या निवेश प्लेटफॉर्म की वैधता सेबी और संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर जांच लें।
- अधिक मुनाफा, गारंटीड रिटर्न या आईपीओ में पक्के आवंटन का दावा करने वालों से सतर्क रहें।
- टैक्स, प्रोसेसिंग फीस या रकम निकालने के नाम पर अतिरिक्त भुगतान की मांग होने पर तुरंत लेनदेन रोक दें।
- साइबर ठगी की आशंका होने पर तत्काल हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
-
सुशांत