जिला उपभोक्ता आयोग
क्रेडिट कार्ड बिलिंग विवाद पर उपभोक्ता आयोग ने वाद किया खारिज
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। क्रेडिट कार्ड बिलिंग के विवाद को जिला उपभोक्ता आयोग ने सेवा में कमी नहीं होने पर वाद को खारिज कर दिया। कार्ड धारक ने बैंक के द्वारा अधिक धनराशि बकाया बताने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और अंजु शर्मा ने सुनवाई की।
ग्रेटर नोएडा के डेल्टा-1 निवासी अमित द्विवेदी को बजाज फिनसर्व कॉरपोरेट के माध्यम से आरबीएल बैंक का 1.59 लाख रुपये की क्रेडिट लिमिट वाला कार्ड जारी किया गया था। अमित द्विवेदी का कहना है कि वह स्वयं ही इस क्रेडिट कार्ड का उपयोग करते हैं। उसने किसी अन्य को इसका पासवर्ड नहीं दिया हुआ है। उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत की है कि सितंबर 2021 में उनके क्रेडिट कार्ड की ओपनिंग आउट स्टैंडिंग राशि 1,43,378 रुपये थी। इसके बाद उन्होंने 19,775 रुपये की खरीदारी की, जिससे कुल बकाया राशि 1,60,317 रुपये हो गई। अक्टूबर 2021 में कार्ड की ओपनिंग आउटस्टैंडिंग 1,60,137 रुपये दर्शाई गई। उनका आरोप है कि अक्टूबर माह में कोई नई खरीदारी नहीं करने के बावजूद कार्ड की आउटस्टैंडिंग बढ़कर 1,69,565 रुपये हो गई, यानी करीब 9,500 रुपये अतिरिक्त जोड़ दिए गए।
सुनवाई के दौरान क्रेडिट कार्ड जारी करने वाली कंपनी ने आयोग को बताया कि उनकी भूमिका केवल कार्ड जारी करने तक सीमित है, जबकि लेन-देन और खाते का संचालन आरबीएल बैंक की जिम्मेदारी है। वहीं, बैंक ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि शिकायत में जो कार्ड का नंबर दिया गया है उसमें और उनके खाते के नंबर में अंतर है। बैंक ने आयोग के समक्ष कोई ठोस जवाब या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। दोनों पक्षों के तर्क और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद जिला उपभोक्ता आयोग ने माना कि यह मामला सेवा में कमी का नहीं, बल्कि हिसाब-किताब के विवाद का है। इसी आधार पर आयोग ने शिकायतकर्ता का वाद खारिज कर दिया।