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Noida News: प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक ने देखे स्ट्रा बेलर से तैयार गट्ठर

Sun, 05 Oct 2025 12:42 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
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सोनीपत। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करने और पराली जलाने की घटना को रोकने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) भी सक्रिय हो गया है। शनिवार को बोर्ड के वैज्ञानिक एफ. रहमान सोनीपत पहुंचे और देवडू गांव का निरीक्षण किया।
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निरीक्षण के दौरान वैज्ञानिक ने फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) योजना के तहत किसानों की तरफ से स्ट्रा बेलर मशीन से तैयार किए गए गट्ठरों को देखा। कृषि अधिकारियों ने बताया कि स्ट्रा बेलर मशीन धान की कटाई के बाद बचे अवशेषों को गट्ठर के रूप में संकलित कर देती है। इनका उपयोग किसान पशुचारे के रूप में कर सकते हैं। वहीं, दूसरी ओर ईंट भट्ठों में भी इनकी मांग है। इससे किसान आर्थिक लाभ भी कमा सकते हैं।

पराली जलाने की घटनाओं के कारण प्रदूषण का स्तर गंभीर रूप ले लेता है। इसे रोकने के लिए कृषि विभाग किसानों को लगातार आधुनिक कृषि यंत्रों पर सब्सिडी प्रदान कर रहा है। उन्हें जागरूक भी किया जा रहा है।
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आधुनिक कृषि यंत्र खरीदने का बिल अपलोड करने का आज अंतिम मौका

फसल अवशेष प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए सोनीपत जिले में किसानों को 610 कृषि यंत्रों के परमिट जारी किए गए हैं। यंत्र खरीदने की अंतिम तारीख 30 सितंबर थी जबकि बिल व कृषि यंत्र के साथ फोटो अपलोड करने की अंतिम तिथि 5 अक्तूबर निर्धारित की गई है। रविवार को किसानों के पास बिल जमा करवाने का अंतिम अवसर होगा। इसके बाद भौतिक सत्यापन कर किसानों की सब्सिडी सीधे उनके बैंक खातों में भेज दी जाएगी।
फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। शनिवार को सीपीसीबी के वैज्ञानिक भी सोनीपत पहुंचे और देवडू गांव में स्ट्रा बेलर से किए गए कार्यों का निरीक्षण किया। किसानों से आह्वान है कि वह खरीदे गए कृषि यंत्रों के बिल समय पर अपलोड करें ताकि सब्सिडी का लाभ समय पर मिल सके। -नवीन हुड्डा, सहायक कृषि अभियंता, सोनीपत
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