19 अक्तूबर से 50 प्रतिशत बच्चों के साथ खुलेंगे स्कूल
नोएडा। जिलाधिकारी सुहास एलवाई की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को 247 स्कूल प्रबंधकों के साथ ऑनलाइन बैठक हुई। इसमें 19 अक्तूबर से स्कूलों को एक समय में कक्षा 9 से 12वीं तक के 50 प्रतिशत बच्चों को ही बुलाने की अनुमति दी गई है। साथ ही, स्कूलों को दो शिफ्टों में कक्षाएं शुरू करने का विकल्प भी दिया गया है।
बैठक में यूपी व सीबीएसई बोर्ड समेत सभी बोर्ड के स्कूल प्रबंधक शामिल हुए। इस दौरान निर्देश दिए गए कि स्कूल खोलने के बाद भी ऑनलाइन कक्षाएं जारी रहेंगी, ताकि अगर कोई छात्र स्कूल नहीं आते हैं तो वे ऑनलाइन से पढ़ाई जारी रख सकें। ये अभिभावक की मर्जी होगी कि वे छात्र को स्कूल भेजकर पढ़ाई कराएं या घर से। स्कूलों को सभी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। स्कूल के गेट पर छात्रों का तापमान रजिस्टर में लिखा जाएगा। स्कूल की जिम्मेदारी होगी कि वे छात्रों से सामाजिक दूरी का पालन करवाएं। प्रवेश गेट पर छात्रों को सैनिटाइजेशन से संक्रमण मुक्त कराया जाए। मास्क पहना सभी के लिए अनिवार्य है।
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि स्कूल 50 प्रतिशत छात्रों के साथ स्कूल खोल सकते हैं। ऐसे में एक बच्चे को हफ्ते में तीन दिन स्कूल आ सकेगा। स्कूलों को दो शिफ्टों में शुरू करने का विकल्प भी दिया गया है। जिले में 9 से 12वीं कक्षा में करीब 1.75 लाख बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन केवल उन्हीं छात्रों को स्कूल आने दिया जाएगा, जिनके अभिभावकों की तरफ से अनुमति पत्र दिया जाएगा।
कंटेनमेंट जोन में रहने वाले शिक्षक और छात्र नहीं आ सकेंगे स्कूल
जिलाधिकारी की ओर से स्कूलों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि कंटेनमेंट जोन में रहने वाले शिक्षकों और छात्रों को स्कूल में आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही, अभिभावकों को जागरूक करें कि अगर घर में किसी को बुखार या सांस लेने में तकलीफ है तो वे बच्चे को स्कूल न भेजें। स्कूल प्रबंधक की ओर से बीमार होने पर स्टाफ को छुट्टी की अनुमति दें। वहीं, माता-पिता आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करें और बच्चे को तभी जाने दें जब एप सुरक्षित और कम जोखिम वाली स्थिति दिखाए।
बस का दो बार कराना होगा सैनिटाइजेशन
जिला विद्यालय निरीक्षक की तरफ से साफ निर्देश दिए गए हैं कि स्कूलों को बस में दो बार सैनिटाइजेशन कराना होगा। एक बार बच्चों के बस में चढ़ने से पहले और दूसरी बार बस से उतरने के बाद। साथ ही, चालक व परिचालक हर समय शारीरिक दूरी बनाए रखें।
54 स्कूलों के प्रिंसिपल भी शामिल हुए
पिछली बार हुई बैठक में तकनीकी कारणों से 54 स्कूल के प्रिंसिपल शामिल नहीं हो सके थे। इसमें वे भी शामिल हुए, ताकि प्रशासन के दिशा-निर्देश को लेकर स्कूलों की स्थिति साफ हो सके।
ये करने होंगे इंतजाम
- गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही छात्रों को दिया जाएगा प्रवेश।
- क्लास रूम, पुस्तकालय, शौचालय आदि जगहों पर पोस्टर से सामाजिक दूरी के बारे में जागरूक करें।
- मास्क, इस्तेमाल किए गए टिश्यू आदि बायो मेडिकल कचरे का प्रबंध किया जाए।
- स्कूल में कई बार शौचालय की सफाई और सैनिटाजेशन कराया जाए।
- सभी को फेस मास्क पहनकर आना अनिवार्य है। इस बात का ध्यान रखें कि समूह में काम करते सभी मास्क लगाए।
- छात्रों को स्कूल की ओर से तैयार समयसारिणी के अनुसार स्कूल आना होगा।
- अगर स्कूल में एक से अधिक गेट है तो प्रवेश और निकासी के लिए सभी गेट का प्रयोग करें।
- स्कूल के बाहर ट्रैफिक से बचने के लिए यातायात विभाग की मदद ले सकते हैं।
- बच्चों को बार-बार चेहरे पर हाथ लगाने से मना करें।
- स्कूल में ऐसे आयोजन न करें जहां पर सामाजिक दूरी संभव न हो।
शिक्षकों को दिए दिशा-निर्देश
- बहुत से छात्र हैं, जिनके पास तकनीकी साधन नहीं हैं। ऐसे में वो ऑनलाइन क्लास नहीं ले पा रहे हैं। ऐसे में उनके लिए स्कूल नवाचार योजना बन सकते हैं।
- संतुलित भोजन, अच्छी नींद, व्यायाम करने के लिए प्रेरित करें।
- छात्रों को परिवर्तन को स्वीकार करने में सहायता करें। छात्र को बोले की अगर उनको कोई परेशानी है तो बताए।