बंदर की घुड़की से डरकर सोमवार की सुबह शहर के मोहल्ला चामड़ वाला में दो वर्ष की मासूम बच्ची छत से गिर गई और गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि उसकी जुड़वां बहन को समय रहते मां ने बचा लिया। बच्ची को गंभीर हालत में कस्बा के निजी अस्पताल से अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।
मोहल्ला चामड़ वाला निवासी विकास शर्मा की दो वर्षीय जुड़वां पुत्री साम्या और राम्या सोमवार की सुबह घर की छत पर खेल रहीं थीं। तभी छत पर बंदर आ गए और घुड़की देने लगे। बंदरों को देखकर दोनों मासूमों की चीख निकल गई। चीख सुनकर बच्चियों की मां छत पर पहुंचीं और उन्होंने तत्काल राम्या को गोद में उठा लिया, लेकिन तब तक बंदरों ने साम्या को घेर लिया। बंदरों से बचने के लिए भागी साम्या छत से गिर गई।मौके पर भीड़ जमा हो गई। पिता घायल बेटी को लेकर निजी अस्पताल पहुंचे, लेकिन उसकी गंभीर हालत कमो देखते हुए उसे अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
बंदरों के आतंक से परेशान हैं लोग
सासनी कस्बे में बंदरों के आतंक से लोग खासे परेशान हैं। बंदर स्कूल जाने वाले बच्चों को रास्ते से निकलने तक नहीं देते और घुड़की देते हुए उन पर हमलावर हो जाते हैं। बंदरों से बचने के लिए दौड़ते बच्चे गिरकर घायल हो जाते हैं। लोगों ने इसकी शिकायत कई बार नगर पंचायत प्रशासन से की है, लेकिन उसके कानों पर जूं नहीं रेंग रही है। एसडीएम नीरज शर्मा का कहना है कि कस्बे में बंदरों के उत्पात से निजात दिलाने के लिए जल्द ही नगर पंचायत के साथ मिलकर रणनीति बनाई जाएगी।