तावड़ू। उपमंडल की ग्राम पंचायत सेवका में मनरेगा कार्य में गबन करने की शिकायत से गुस्साए सरपंच और उनके पर ग्रामीणों और शिकायतकर्ता ने हमला कर उन्हें घायल करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित ग्रामीणों ने आरोपी सरपंच के खिलाफ पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
यूसुफ, रहीस, खालिद, ताराचंद, हसन, इसाक और इस्लाम आदि ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरपंच शाहिद ने मनरेगा काम में भारी गबन व धांधली की है। इस संबंध में ग्रामीणों ने सोमवार को गांव के सम्मानित व्यक्ति अब्दुल गफ्फार के साथ तावडू बीडीओ को सरपंच के भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत दी थी। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत से गुस्साए सरपंच मंगलवार सुबह गांव के रास्तों में मनरेगा कार्य को जेसीबी की मदद से कराने पहुंच गया। इसका ग्रामीणों ने विरोध कर जेसीबी मशीन को रोकने के लिए कहा तो सरपंच शाहिद और उसके पिता तैय्यब ने दबंगई दिखाते हुए गालीगलौज की और धमकी दी कि यदि किसी ने मनरेगा कार्य का विरोध किया तो वह पूरे गांव में आग लगा देंगे। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस के दो जवान गांव में मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से पूछताछ की। थोड़ी देर बाद ही बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित होकर खोरी पुलिस चौकी में शिकायत करने पहुंच गए। आरोप है कि जब सभी ग्रामीण पुलिस को शिकायत करने के बाद वापस गांव में पहुंचे तो आरोपी सरपंच और उसके परिजनों ने उन पर हमला कर दिया। इसमें कई ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। जब वह इसकी शिकायत करने पुलिस से जा रहे थे तो आरोपियों ने उनका रास्ता रोककर उनकी गाड़ियों पर भी पथराव कर दिया। पीड़ित अब्दुल गफ्फार की शिकायत पर पुलिस मामले की जांच में जुटी है। वहीं, आरोपी सरपंच शाहिद का कहना है कि मनरेगा कार्य में गबन का आरोप पूरी तरह निराधार है। मामला राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने किसी के साथ गालीगलौज और मारपीट नहीं की है। खोरी पुलिस चौकी इंचार्ज सुरेंद्र का कहना है कि पुलिस मामले की जांच में जुटी है, जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।