-तीस हजारी कोर्ट ने घोषित किया था भगोड़ा आर्थिक अपराधी
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को ब्रिटेन में मौजूद हथियार सलाहकार संजय भंडारी की याचिका पर सुनवाई के लिए आठ अगस्त की तारीख तय की है। भंडारी ने निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है।
न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा ने भंडारी की उस अर्जी पर दलीलें सुनी जिसमें उन्होंने 5 जुलाई को पारित ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की थी। सुनवाई में न्यायालय भंडारी के अंतरिम आवेदन पर अपना आदेश सुरक्षित रखने वाला था कि प्रवर्तन निदेशालय के विशेष वकील ने अनुरोध किया कि मामले पर गुण-दोष के आधार पर सुनवाई के बाद अंतिम निर्णय लिया जाए। इस पर भंडारी के वकील ने दलील दी कि अगर याचिका पर अंतिम निर्णय गुण-दोष के आधार पर करना है, तो निचली अदालत की कार्यवाही स्थगित कर दी जाए। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि भंडारी की संपत्ति की जब्ती रोक दी जाए। यह मामला निचली अदालत में दो अगस्त को सूचीबद्ध है। इस पर अदालत ने कहा कि अगर विवादित आदेश पारित हो जाता है, तो जब्ती भी स्वतः ही समाप्त हो जाएगी। ऐसे में अदालत ने कहा कि वह 15 दिनों के भीतर इस पर फैसला सुनाएगी।
2016 में आयकर छापेमारी के बाद भाग गया था लंदन
तीस हजारी कोर्ट के जिला न्यायाधीश संजीव अग्रवाल ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 की धारा 12(1) के तहत भंडारी को एक भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था। आयकर विभाग की तरफ से 2016 में छापेमारी के तुरंत बाद 63 वर्षीय भंडारी लंदन भाग गया था। ईडी ने पीएमएलए के तहत उनकी लगभग 21 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। ऐसे में ईडी ने 2023 में, एक पूरक आरोपपत्र दायर किया जिसमें आरोप लगाया गया कि भंडारी ने 2009 में लंदन में 12, ब्रायनस्टन स्क्वायर हाउस का अधिग्रहण किया और रॉबर्ट वाड्रा के निर्देशों के अनुसार इसका नवीनीकरण कराया। नवीनीकरण के लिए रॉबर्ट वाड्रा ने पैसे दिए थे।