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जांच में छह दवाएं फेल: नोएडा में लिए गए 118 दवाओं के सैंपल, 40 की रिपोर्ट बाकी

Sun, 12 Oct 2025 07:52 AM IST
राहुल तिवारी अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा

सार

नोएडा में औषधि विभाग की ओर से बीते छह माह में 118 दवाओं के सैंपल लिए गए, जिसमें 72 मानक के अनुरूप पाए गए। वहीं 6 दवाएं जांच में फेल हो गईं। ड्रग इंस्पेक्टर जय सिंह के मुताबिक औषधि विभाग की ओर से दवाओं की लगातार जांच की जाती है।
 
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विस्तार
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राजस्थान और मध्य प्रदेश में कफ सिरप के कारण हुई बच्चों की मौत के बाद अन्य दवाओं की गुणवत्ता चर्चा का विषय बनी हुई है। औषधि विभाग की ओर नोएडा में बीते छह माह में 118 दवाओं के सैंपल लिए गए, जिसमें 72 मानक के अनुरूप पाए गए। वहीं 6 दवाएं जांच में फेल हो गईं। अभी 40 सैंपलों की रिपोर्ट बाकी है। फेल होने वाली दवाओं की संबंधित कंपनी पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। 

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सभी सैंपल भेजे गए गोरखपुर स्थित लैब
ड्रग इंस्पेक्टर जय सिंह के मुताबिक औषधि विभाग की ओर से दवाओं की लगातार जांच की जाती है। जिले के अलग-अलग मेडिकल स्टोरों से अप्रैल से सितंबर तक 118 दवाओं की जांच के लिए सैंपल लिए गए थे। इसमें टैबलेट, कैप्सूल और सिरप और मरहम शामिल थे। जांच के लिए सभी सैंपल गोरखपुर स्थित लैब में भेजे गए थे। औषधि विभाग को अब तक 78 सैंपल की रिपोर्ट मिली है। इसमें 72 दवाएं मानक के अनुरूप सही थीं जबकि 6 दवाएं मानकों पर फेल हो गईं। इसके बाद दो कंपनियों पर मुकदमा दायर किया गया है। इस बीच दो केस हेडक्वार्टर रेफर कर दिए गए हैं। वहीं दो अन्य मामलों में अभी जांच चल रही है।

पांच दिन में 25 कफ सिरप के सैंपल  लिए 
ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि कफ सिरप का मामला सामने आने  के बाद शहर के मेडिकल स्टोरों में कफ सिरप के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। छह अक्तूबर से 11 अक्तूबर तक जिले में 25 कफ सिरप के सैंपल जांच के लिए भेजे गए। सैंपल पहले लखनऊ भेजे जाते थे, लेकिन अब गोरखपुर भेजे जाते हैं। जहां से  रिपोर्ट आने में दो माह लग जाता है। 

डॉक्टर और फार्मासिस्ट को विशेष ध्यान देने की जरूरत 
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ललित कुमार ने बताया कि बच्चों को सर्दी, खांसी या अन्य समस्या होने पर जब डॉक्टर कफ सिरप लिखते हैं तो उन्हें इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि जो सॉल्ट लिख रहे हैं, वह बच्चों के लिए सही है या नहीं। मेडिकल स्टोर पर बैठे फार्मासिस्ट उस दवा का नाम सही से समझ सकें और वही दवा उपलब्ध कराएं जो लिखी गई हो। किसी भी हाल में दवा बदलनी नहीं चाहिए। 

इन दवाओं के सैंपल हुए फेल 
औषधि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फेल हुई दवाओं में मुख्य रूप से डीआरएस कैप्सूल, ओन्डेनसेट्रॉन टैबलेट, एमोक्सीसिलिन टैबलेट शामिल हैं। इसमें डीआरएस कैप्सूल पेट की समस्या और गैस के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा ओन्डेनसेट्रॉन टैबलेट उल्टी के लिए और एमोक्सीसिलिन टैबलेट एंटीबायोटिक है जो अलग-अलग बीमारी में या इंफेक्शन होने पर दी जाती है। 
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नोएडा की कंपनी पर उठे थे सवाल 
देश में निर्मित कप सिरप के सेवन से 2022 में उज्बेकिस्तान में कथित रूप से 18 बच्चों की मौत का मामला सामने आया था। इसमें नोएडा सेक्टर-67 स्थित दवा बनाने वाली कंपनी पर कार्रवाई की गई थी। इस दौरान दवाओं के सैंपल भी लिए गए थे और कंपनी का ड्रग लाइसेंस भी रद्द किया गया था। ड्रग इंस्पेक्टर जय सिंह का कहना कि यह मामला अभी कोर्ट में चल रहा है और कंपनी अभी बंद है। 
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