27 स्थानों पर ट्रैफिक सिग्नल और 80 स्थानों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कैमरे लगाए जाएंगे
एआई वाले कैमरों को प्रत्येक प्रवेश और बाहर जाने वाले मार्गों पर लगाया जाएगा
न सिर्फ गाड़ियों की नंबर प्लेट पढ़ेंगे, रंग और चालक की फोटो लेने में समक्ष होंगे
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। शहर की यातायात व्यवस्था और अपराधियों पर काबू पाने समेत कई प्रकार की समस्याओं का समाधान करने के लिए ग्रेटर नोएडा में जल्द ही सेफ सिटी-आईएसटीएमएस योजना को अमली जामा पहनाया जाएगा। इस योजना के तहत ग्रेटर नोएडा में 27 स्थानों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाएंगे तो करीब 80 स्थानों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कैमरे लगवाए जाएंगे। इनसे पुलिस न सिर्फ यातायात की समस्याओं का समाधान कर सकेगी, बल्कि अपराधियों पर भी नकेल कसी जा सकेगी। चूंकि यह कैमरे न सिर्फ गाड़ियों की नंबर प्लेट पढ़ेंगे, बल्कि कार का रंग और उसमें बैठे व्यक्ति की भी फोटो लेने में समक्ष होंगे।
दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को समीक्षा बैठक में पुलिस विभाग के प्रस्तुतिकरण को देखने के बाद सेफ सिटी और आईएसटीएमएस परियोजना को अमली जामा पहनाने के लिए कहा था। इस पर पुलिस की ओर से अपना प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसमें न सिर्फ यातायात की समस्या को दूर किया जा सकेगा, बल्कि इससे अपराधियों पर भी नकेल कसी जा सकेगी। अधिकारियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कैमरे लगाने की वकालत करते हुए बताया कि ग्रेटर नोएडा में सेफ सिटी-आईएसटीएमएस परियोजना को एक साथ जोड़कर अमली जामा पहनाया जाएगा। इसमें सेफ सिटी के तहत एआई वाले कैमरों को प्रत्येक प्रवेश और बाहर जाने वाले मार्गों पर लगाया जाएगा। कुछ ऐसे स्थान चिन्हित किए जाएंगे जहां पर अपराध होने की संभावनाएं रहती हैं। इनमें सुनसान जगह और छात्राओं के स्कूल-कॉलेजों को शामिल किया जाएगा। साथ ही शहरों के बाजार और प्रमुख स्थानों को यहां से कवर किया जाएगा। इसी तरह यातायात के मद्देनजर नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएंगे।
इस बार एआई तकनीक के कैमरों से न सिर्फ यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों पर कार्रवाई की जाएगी, बल्कि वाहनों से शव आदि फेंकने और अपराधियों पर भी कड़ी कार्रवाई हो सकेगी। इस तकनीक के कैमरे न सिर्फ वाहनों का नंबर कैच करेंगे, बल्कि यह भी बताएंगे कि इस रोड पर कितने ट्रक, कितनी कारें और दोपहिया निकले हैं। साथ ही वाहन का नंबर और रंग के साथ-साथ कार में बैठे व्यक्ति का फोटो भी दूर से ही ले लेगा। अभी तक नोएडा में ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीड करने वाले (एएनपीआर) कैमरे लगे हुए हैं, मगर अब आधुनिक तकनीक के कैमरों से अपराध का खुलासा करने में मदद मिलेगी। सीएम की समीक्षा बैठक के बाद कमिश्नरेट पुलिस और प्राधिकरण अधिकारियों ने शनिवार को इस पर एक ऑनलाइन बैठक का आयोजन किया। अधिकारियों ने बताया कि आईआईटी रुड़की की टीम ने पूरा प्रोजेक्ट तैयार कर लिया है। अब आरएफपी निकालने के बाद आगे का काम शुरू कराया जाएगा।
कैमरों का थानों से होगा संचालन
अभी तक नोएडा में कोई घटना हो जाती है तो संबंधित थाना पुलिस को सेफ सिटी और आईएसटीएमएस के सेंटर पर जाकर सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी पड़ती है, लेकिन ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से इस तकनीक से पुलिस की समस्या कम कर दी जाएगी। ग्रेनो में बनने वाले सेफ सिटी-आईएसटीएमएस के सेंटर के अलावा थानों से भी कैमरों की सीसीटीवी फुटेज को देखा जा सकेगा। उनको सेंटर पर भागने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
नोएडा में बने आईटीएमएस केंद्र से पिछले दिनों अपराध की 600 घटनाओं का खुलासा करने में अहम योगदान निभाया है। अब ग्रेटर नोएडा में सेफ सिटी-आईएसटीएमएस का एक सेंटर बनाया जाएगा। यहां से कई सुविधाएं मिलेंगी ओर जल्द ही यह परियोजना मूर्त रूप लेगी।
-अनिल यादव, डीसीपी ट्रैफिक गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट
सेफ सिटी-आईएसटीएमएस परियोजना को मुख्यमंत्री ने जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। अगले कुछ दिन में आरएफपी जारी कर काम शुरू कराया जाएगा। इस पर आईआईटी रुड़की की टीम काम कर रही है।
-रवि कुमार एनजी, सीईओ ग्रेनो प्राधिकरण