फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: पार्क में निर्माण पर बुद्धि विहार में फिर हुआ हंगामा, निगम के खिलाफ फूटा गुस्सा

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद। बुद्धि विहार आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर-7 में रविवार को नगर निगम के खिलाफ नागरिकों का गुस्सा फिर से फूट पड़ा। निगम की ओर से पार्क को श्रीराम वाटिका के नाम पर विकसित करने के प्रयास ने कॉलोनीवासियों को सड़कों पर उतरने को मजबूर कर दिया। बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने एकत्र होकर नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। हमारा पार्क वापस दो, बच्चों का हक मत छीनो, पार्क बचाओ-हरियाली बचाओ के नारों के साथ लोगों ने प्रदर्शन किया।
विज्ञापन

स्थानीय लोगों का आरोप था कि नगर निगम ने कॉलोनी के बीचोंबीच बने पार्क को अचानक श्रीराम वाटिका में बदलने का निर्णय ले लिया है। पिछले कुछ दिनों से पार्क क्षेत्र में निर्माण सामग्री डालकर दीवार खड़ी की जा रही है और आम नागरिकों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। लोगों ने आरोप लगाया कि ये पूरा काम बिना किसी सार्वजनिक सूचना, बैठक या सहमति के किया जा रहा है।
लोगों का कहना है कि इस पार्क में वर्षों से बच्चे खेलते रहे हैं और बुजुर्ग टहलने आते हैं। अब निगम ने जिस तरह से निर्माण कार्य शुरू किया है उससे यह स्पष्ट है कि हरियाली की जगह अब कंक्रीट और दीवारें खड़ी की जाएंगी। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि नगर निगम विकास के नाम पर लोगों के अधिकार को छीन रहा है।
विज्ञापन

कॉलोनी की रहने वाली रेनू चौधरी ने कहा कि इससे पहले भी एक पार्क का स्वरूप बदलकर संविधान वाटिका के रूप में उसे विकसित कर दिया गया है। वहां अब बच्चों के खेलने की जगह पूरी तरह खत्म हो गई। अब यह पार्क भी निगम की नजरों में आ गया है तो लोगों को सड़कों पर उतरना पड़ा है। हमारे बच्चे घरों की चहारदीवारी में कैद होकर रह जाएंगे क्या यही विकास है।
स्थानीय लोगों के विरोध की खबर मिलते ही अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह, अतुल कुमार यादव और प्रवर्तन दल प्रभारी अविनाश गौतम टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और श्रीराम वाटिका परियोजना के बारे में जानकारी दी। स्थानीय लोगों ने स्पष्ट कहा कि वह किसी धार्मिक नामकरण या दीवारबंदी के विरोध में नहीं हैं बल्कि वह पार्क के मूल स्वरूप को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं।
लोगों का तर्क था कि जब कॉलोनी की नींव पड़ी थी तब यह पार्क बच्चों के खेलने और बुजुर्गों के टहलने के लिए चिन्हित किया गया था। निगम के नए निर्माण से न केवल हरियाली खत्म होगी बल्कि खुले स्थान पर कब्जे जैसी स्थिति बन जाएगी।
लंबी वार्ता के बाद निगम अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि पार्क का स्वरूप नहीं बदलेगा। बाउंड्रीवाल सिर्फ तीन फीट ऊंची बनाई जाएगी। बच्चों के खेलने के लिए झूले लगाए जाएंगे और हरियाली बरकरार रहेगी। लोगों को भरोसा दिलाए जाने के बाद प्रदर्शन शांत हुआ मगर कॉलोनीवासियों ने स्पष्ट कहा कि यदि वादे के विपरीत कोई निर्माण हुआ तो वह फिर से आंदोलन करेंगे।
प्रदर्शन करने वालों में रेनू चौधरी, इला, बॉबी यादव, गीता रानी, अनीता, सुषमा, कनिका गुप्ता, सीपी सिंह, डॉ. केएस चौहान, देशराज सिंह, नीरज यादव, ओमकार सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। सभी ने एक सुर में कहा कि पार्क नागरिकों का है निगम का नहीं।
00


- हाथ में तख्ती लेकर बच्चों ने किया प्रदर्शन
प्रदर्शन करने में बच्चे भी शामिल रहे। बच्चों ने हाथ में तख्तियां लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। तख्तियों पर लिखा था - हमारा पार्क, वापस दो। मेरा पार्क, मेरा अधिकार। इन बच्चों के प्रदर्शन का वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ।

00
- इससे पहले भी कई प्रोजेक्टों पर हो चुका है हंगामा
नगर निगम के कई विकास प्रोजेक्ट शुरू होने से पहले ही विवादों में घिर चुके हैं। गौतम बुद्ध पार्क में निगम ने सीनियर केयर सेंटर का निर्माण शुरू कराया था। इस निर्माण कार्य का स्थानीय लोगों ने जमकर विरोध किया था। मामले में बसपा सुप्रीमो मायावती की भी एंट्री हुई जिसके बाद निगम को बैकफुट पर जाना पड़ा था। निगम ने हार मानते हुए वहां निर्माण बंद कराया और अब हिमगिरी कॉलोनी में सीनियर केयर सेंटर का निर्माण करा रहा है। आशियाना कॉलोनी में बन रहे वर्किंग वूमेन हॉस्टल और बुद्धि विहार में ही बन रहे खेल पार्क को लेकर भी नागरिकों और निगम के बीच टकराव की स्थिति बनी।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें