पशु-पक्षी प्रेमी की मिसाल हैं रूब्बड़ खान
अंतराम खटाना, नूंह। भागदौड़ की इस जिंदगी में जहां लोग अपने को भी वक्त नहीं दे पाते हैं वहीं नूंह खंड के निजामपुर गांव में रुब्बड़ खान पशु-पक्षियों को न केवल वक्त दे रहे हैं, बल्कि उनका ख्याल भी रखते हैं। आज रुब्बड़ के घर दर्जनों पशु-पक्षी हैं, जिनमें मुख्य रूप से गाय, नीलगाय, कबूतर, बतख, जलमुर्गी, चिड़िया व बकरी शामिल हैं। रूब्बड़ मोर व तीतर को रात में सीने से लगाकर सोते हैं।
सरपंच बनने पर भी कम नहीं हुआ प्यार
रुब्बड़ बचपन से ही पशु-पक्षियों को पालने के शौकीन हैं। वर्षों पहले वे सरपंच बन गए थे, लेकिन उस समय भी उनका पशु-पक्षियों के प्रति प्यार कम नहीं हुआ। रुब्बड़ अपने सभी पशु-पक्षियों की इच्छानुसार खानपान का ख्याल रखते हैं। पक्षियों को सेब व केला तो अन्य जीवों की खुराक का भी ध्यान रखते हैं।
नहीं मिला कहीं से सहयोग
रुब्बड़ बताते हैं कि पशु व पक्षियों के प्रेम के साथ उन्होंने अपनी सारी उम्र को गुजार दिया है, लेकिन अभी तक उन्हें सरकार व प्रशासन से किसी प्रकार का कोई सहयोग नहीं मिला।