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आरटीई : 4694 आवेदनों में महज 2965 चुने, उनमें से भी 2231 को ही मिलीं सीटें

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अभिभावकों का आरोप-10 दिन तक पोर्टल नहीं चला इस वजह से छोटी सी कमी पर भी आवेदन निरस्त कर दिए
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1700 निरस्त हुए
734 बच्चों को नहीं मिला स्कूल

माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत बुधवार को पहले चरण की लॉटरी निकाली गई। 2965 आवेदकों में से 2231 को निजी स्कूल की 25 प्रतिशत सीटें आवंटित हुईं। 734 बच्चों को स्कूल नहीं मिल पाया। सीटें आवंटित होने पर अभिभावकों ने विरोध जताया है।
आरोप है कि विभाग ने जल्दबाजी में आवेदनों को निरस्त कर दिया जिससे बच्चों को स्कूल आवंटित नहीं हो सका। सभी दस्तावेजों के लगाने के बाद भी उन्हें इस कारण से निरस्त कर दिया गया है कि वह दिखाई नहीं दे रहे हैं। यदि दस्तावेज दिखाई नहीं दे रहे थे तो अभिभावकों से संपर्क किया जा सकता था। आरोप है कि अपनी नाकामी छिपाने के लिए विभाग ने आवेदनों को निरस्त कर दिया। अभिभावकों का आरोप है कि 10 दिन तक पोर्टल नहीं चला। छह दिन में 1700 से अधिक आवेदन निरस्त कर दिए। छोटी सी कमी पर भी आवेदन निरस्त किए गए हैं।
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एनसीआर पैरेंट्स एसोसिएशन के संस्थापक सुखपाल सिंह तूर ने बताया कि हर साल सैकड़ों अभिभावक शिकायत करते हैं कि विभाग ने आवेदनों को निरस्त कर दिया है। कई साल में हजारों अभिभावकों को निराश होना पड़ता है। विभाग दावे करता है कि दाखिला नहीं लेने वाले स्कूलों पर कार्रवाई होगी लेकिन अब तक एक भी स्कूल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अभिभावक महीनों तक स्कूलों के चक्कर काटते रहते हैं लेकिन उन्हें दाखिला नहीं मिल पाता है। विभाग अपनी नाकामी छिपाने के लिए आवेदनों को निरस्त कर देता है जिससे कम ही बच्चों को सीटें आवंटित हो सकें।


21 से शुरू होगी दूसरे चरण की प्रकिया
21 फरवरी से सात मार्च के बीच दूसरे चरण के तहत आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। 9 मार्च को लॉटरी निकलेगी और 11 मार्च को सीट अलॉट होगी। वहीं तीसरा चरण 12 से 25 मार्च के बीच आवेदन करना होगा और बीएसए आवेदन पत्रों का सत्यापन और लॉक करेंगे। 27 मार्च को लॉटरी निकलेगी और 29 मार्च को सीट अलॉट होगी।
वर्जन


पहले चरण में 2231 बच्चों को सीटें आवंटित हुई हैं जो आवेदन मानकों को पूरा नहीं कर रहे थे। उन्हें ही निरस्त किया गया है। पात्र सभी बच्चों को दाखिला दिलाया जाएगा। - राहुल पंवार, बीएसए
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लापरवाही करने वालों पर होगी कार्रवाई

बीएसए से निरस्त हुए आवेदनों की लिस्ट मंगाई जाएगी। यदि सत्यापन के समय जल्दबाजी में आवेदन निरस्त किए गए हैं तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगाी। अधिक से अधिक बच्चों को दाखिला दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। -मेधा रुपम, जिलाधिकारी







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