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रोबिन हत्याकांड: तीन सगे भाइयों को उम्रकैद, एक को पांच साल की सजा, मां और बहन बरी; कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

Sat, 26 Sep 2026 08:55 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा

सार

ग्रेटर नोएडा में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने शनिवार को थाना सूरजपुर क्षेत्र में हुए एक बहुचर्चित हत्याकांड में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए तीन सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश सुनील कुमार की अदालत ने गांव पाली निवासी सुबोध, रवि और सागर तीन सगे भाइयों को दोषी करार दिया।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ग्रेटर नोएडा में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने शनिवार को थाना सूरजपुर क्षेत्र में हुए एक बहुचर्चित हत्याकांड में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए तीन सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश सुनील कुमार की अदालत ने गांव पाली निवासी सुबोध, रवि और सागर तीन सगे भाइयों को दोषी करार दिया। साथ ही दोषियों पर 35-35 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में इन्हें एक वर्ष दो माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।  जबकि बागपत निवासी मनीष को सबूत मिटाने के आरोप में पांच वर्ष के कारावास की सजा दी गई है।  अदालत ने उसे पांच वर्ष के कारावास एवं हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड जमा न करने पर उसे दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। साथ ही मामले में तीन सगे भाइयों की मां व आरोपियों की बहन को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया।

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एडीजीसी अपराध धर्मेंद्र जैंत ने बताया कि मामला थाना सूरजपुर में दर्ज मुकदमा से जुड़ा है। पीड़ित पक्ष के अनुसार फरवरी 2022 में गांव पाली निवासी करीब 22 वर्षीय युवक रोबिन सिंह अपने घर से निकलने के बाद लापता हो गया था। परिजनों ने काफी खोजबीन के बाद जब उसका कोई सुराग नहीं मिला तो पिता ने थाना सूरजपुर में गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई थी। जिसके बाद मामले की तह तक पहुंचने पर पुलिस को पता चला कि रोबिन के साथ अनहोनी हुई है और इसे हत्या के मामले में तब्दील कर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।

अभियोजन के अनुसार आरोपियों में पारिवारिक विवाद और व्यक्तिगत रंजिश की पृष्ठभूमि सामने आई। जिसके चलते रोबिन सिंह की योजनाबद्ध तरीके से हत्या की गई। जांच में सामने आया कि पीड़ित का गला घोंटकर हत्या करने के बाद शव के सबूत मिटाने के इरादे से उसे एक नहर में फेंक दिया गया था, ताकि वारदात का पता न चल सके। एडीजीसी अपराध धर्मेंद्र जैंत ने बताया कि मामले में सुबोध, सागर, रवि तीनों सगे भाइयों के अलावा उनके परिचित मनीष एवं आरोपियों की मां व बहन के खिलाफ आरोप विरचित किए गए थे। अभियोजन पक्ष ने नौ मौखिक साक्षियों को पेश किया। लंबी सुनवाई और बहस के बाद अदालत ने आरोपी सुबोध, रवि व सागर को हत्या के आरोप में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं आरोपी मनीष को साक्ष्य नष्ट करने के अपराध में दोषी पाया गया। मामले में आरोपी बनाई गई आरोपियों की मां और बहन को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव और संदेह का लाभ देते हुए सभी आरोपों से दोषमुक्त कर बरी कर दिया।
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शादी के बाद भी युवती को परेशान करने का लगा था आरोप:
पुलिस ने तब गिरफ्तारी के दौरान दावा किया था। रोबिन का गांव की ही एक महिला  (आरोपियों की बहन) से प्रेम प्रसंग चल रहा था। 2019 में शादी होने के बाद आरोपियों की बहन ने रोबिन से किनारा कर लिया था। उधर रोबिन शादी के बाद भी आरोपियों की बहन से एकतरफा प्यार कर रहा था। शादी के बाद भी महिला को परेशान करता था। यह पूरी बात महिला ने अपने सगे भाईयों को बताई थी। इसके तहत उन्होंने रोबिन की हत्या की साजिश रच डाली। आरोप लगा था कि साजिश के तहत महिला ने 27 फरवरी को फोन कर रोबिन को अपने मायके पाली गांव में ही घर पर बुलाया था। यहां पहले से ही उसके भाई सुबोध, सागर, रवि, मां और मनीष मौजूद थे। यहां रोबिन की गला दबाकर हत्या कर दी थी। पहचान मिटाने के लिए शव को कोट नहर में फेंक दिया गया था।
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