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Noida News: लीड- तालाब में बह गई सड़क, हादसों की आशंका बढ़ी, जिम्मेदार बेखबर

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-मांझीखेड़ा अस्पताल से 12 गांव व 40 ढाणीयों को जोड़ती है यह मुख्य सड़क
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-एक वर्ष पूर्व लालपुर फिरोजपुर गांव के समीप आधी सड़क टूटकर तालाब में बही
-25 फुट गहरा है तालाब, शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने से ग्रामीण परेशान



संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। जिला अस्पताल मांडीखेड़ा से 12 गांव और करीब 40 ढाणियों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क इन दिनों खतरे की घंटी बन चुकी है। जलालपुर फिरोजपुर गांव के समीप बने गहरे तालाब के पास यह सड़क टूटकर तालाब में बह गई है। हालात इतने भयावह हैं कि सड़क का लगभग आधा हिस्सा ही बचा हुआ है। इससे हादसों की संभावना बढ़ गई है। तालाब की गहराई 25 फुट से अधिक बताई जा रही है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागीय अधिकारी बीते एक वर्ष से आंख मूंदे बैठे हैं।



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न चेतावनी बोर्ड न रोशनी की व्यवस्था

ग्रामीणों के अनुसार, तालाब के पास सड़क का हिस्सा टूटने के बाद भी न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया और न ही रोशनी की व्यवस्था की गई। रात के समय अंधेरा और कोहरा इतना घना होता है कि सड़क और तालाब के बीच फर्क कर पाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में यहां से गुजरना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है। अब तक कई लोग इस स्थान पर गिरकर घायल हो चुके हैं, हालांकि गनीमत यह रही कि अभी तक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
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-जीवनरेखा पर संकट, मरीज परेशान

यह सड़क हेबतका, शुगरपुर, बसई खानजादा, मोहलाका, खेड़ली कलां, गुर्जर नगला, झिमरावट समेत आसपास के गांवों और ढाणियों के लोगों के लिए जीवनरेखा मानी जाती है। इसी मार्ग से मरीज जिला अस्पताल मांडीखेड़ा पहुंचते हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण एंबुलेंस और अन्य वाहन चालकों को भी जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ता है। कई बार मजबूरी में लोगों को करीब पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है।



- शिकायतों के बाद भी कार्रवाई शून्य

स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग तब तक हरकत में नहीं आता, जब तक एक ही समस्या को लेकर दर्जनों शिकायतें न हो जाएं। देरी के चलते आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते सड़क के पास बनी जोहड़ की रिटर्निंग वाल की मरम्मत कर दी जाती, तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती।
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-लोगों की मांग



ग्रामीणों ने मांग की है कि जब तक स्थायी समाधान नहीं होता और तालाब के पास मजबूत रिटर्निंग वाल नहीं बनती, तब तक चेतावनी बोर्ड और पर्याप्त लाइट की व्यवस्था की जाए। साथ ही सड़क के इस हिस्से का जल्द से जल्द पुनर्निर्माण किया जाए, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले स्थिति संभाली जा सके।



रात के समय में यहां से गुजरना बहुत डरावना हो गया है। थोड़ी सी चूक जानलेवा साबित हो सकती है। हमारी मांग है कि जल्द समस्या का समाधान कराएं।

मोहम्मद, ग्रामीण।



मरीजों को अस्पताल ले जाना सबसे बड़ी परेशानी है। एंबुलेंस तक को जोखिम उठाना पड़ता है।

आसिफ, ग्रामीण।

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हमने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते हैं। अगर ऐसा ही चलता रहा तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

सहबाज खान, ग्रामीण।



अगर समय रहते काम नहीं हुआ तो किसी दिन बड़ा हादसा होना तय है, इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
रिहान खान, ग्रामीण।





यह सही है कि सड़क के पास जोहड़ की बनी रिटर्निंग वाल टूटने के कारण सड़क का हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। इस हिस्से को जल्द बनाया जाएगा।

आस मोहम्मद, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग नूंह
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