देवउठनी एकादशी से शुभ मुहूर्त, दो को परिणय सूत्र में बंधेंगे 600 जोड़ें
- साथ ही शादी, लग्न आदि मांगलिक कार्यक्रम हो जाएंगे शुरू, बैंक्वेट हॉल व सामुदायिक केंद्र पहले से बुक
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। देव उठनी एकादशी यानी एक नवंबर से शुभकार्य शुरू हो जाएंगे हैं। हांलाकि शादियों के लिए शुभ मुहूर्त 2 नवंबर से है। जिले में बैंड बाजा व बैंक्वेट की बुकिंग के आधार पर दो को शहर में 600 जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे।
मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु के शयन काल से उठने के बाद देव उठनी एकादशी को मनाया जाता है। इस दिन से ही शादियों के मुहूर्त, गृह प्रवेश, मुंडन, यज्ञोपवीत संस्कार आदि शुभ कार्य शुरू हो जाते है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार नवंबर में शादियों के कई शुभ मुहूर्त हैं, लेकिन देवउठनी एकादशी को अबूझ साया मानने के चलते इस दिन विवाह समारोहों की धूम रहेगी। शहर में लगभग सभी बैंक्वेट हॉल और सामुदायिक भवन बुक हो चुके हैं।
भद्राकाल होने से दूसरे दिन मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य शशिकांत त्रिपाठी ने बताया, कार्तिक शुक्ल एकादशी को देवोत्थानी एकादशी और प्रबोधिनी एकादशी भी कहते हैं। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि एक नवंबर को सुबह 9:11 शुरू होगी और दो नवंबर को सुबह 7:31 बजे तक रहेगी। उदयतिथि के अनुसार, इस वर्ष देवउठनी एकादशी का व्रत एक नवंबर को रखा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी और तुलसी की विशेष पूजा व व्रत किया जाता है। उन्होंने बताया कि शनिवार को शाम 3ः30 बजे से रात्रि 2ः46 बजे भद्राकाल रहेगा। भद्रकाल में शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। इसलिए जिले में शादियों का संयोग 2 नवंबर से बन रहा है।
मांगलिक कार्य के लिए हैं ये हैं शुभ दिन
नवंबर: 2, 3, 6, 8, 12, 13, 16, 17, 18, 21, 22, 23, 25, और 30
दिसंबर: 4, 5, और 6
20-60 हजार में बैंड की बुकिंग जारी