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दो कनाल से कम की रजिस्ट्रियों पर पाबंदी

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पुन्हाना। अवैध कॉलोनियों पर अंकुश लगाने के लिए जिला उपायु्क्त धीरेंद्र खड़गटा के मौखिक आदेश पर गांवों और शहरों में दो कनाल से कम जमीन के प्लॉटों की रजिस्ट्रियों पर रोक लगा दी गई है। इससे सैकड़ों जमीनों की खरीब-बिक्री रुक गई है। पुन्हाना तहसील क्षेत्र में लोगों ने इस रोक को शहरों के लिए सही बताया, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों को इससे मुक्त रखने की मांग की।
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वकील मुस्ताक अहमद का कहना है कि जिला उपायुक्त के आदेश से सरकार को राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिन लोगों को अपनी जमीन बेचनी या किसी को खरीदनी है तो उन्हें भी दिक्कत हो रही है। उनका कहना है कि बहुत-से ऐसे लोग हैं, जिनके पास जमीन दो कनाल या उससे कम है और वे अपनी जरूरत के मुताबिक उसे बेचना चाहते हैं। डीसी के आदेश के कारण वे इसे नहीं बेच पा रहे हैं। उनका कहना है कि कंट्रोल एरिया, अर्बन एरिया या फिर बड़े कस्बों के लिए यह रोक ठीक हो सकती है, लेकिन गांवों से यह पाबंदी हटा लेनी चाहिए।
जमीन बेचकर भरना चाहते हैं कर्ज
गांव टूंडलाका निवासी फकीरा ने बताया कि उन्होंने बैंक से लोन लिया था। अब बैंक अधिकारी कर्जा भरने का दबाव बना रहे हैं। उनके पास केवल पांच बिस्वा जमीन है। इसे बेचकर वे कर्ज भरना चाहते हैं, लेकिन तहसीलदार पंजीकरण करने से इनकार कर दिया है। फकीरा का कहना है कि उनके गांव में कोई प्लॉटिंग नहीं हो रही है। रोक के कारण उन्हें बार-बार एग्रीमेंट की तारीख बढ़वानी पड़ रही है।
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शादी में खर्च के लिए बेचनी है जमीन
हाजी आस मोहम्मद ने बताया कि उन्हें परिवार में शादी के खर्च के लिए पैसों की जरूरत है। इसलिए जमीन बेचना चाहते हैं। उनकी जमीन गांव टूंडलाका के जंगल में है। पुन्हाना शहर से करीब सात किलोमीटर दूर है। अधिकारी कह रहे हैं कि आपके वहां प्लॉटिंग हो रही है। इस कारण जमीन का पंजीकरण नहीं हो सकता। उनका कहना है कि गांव में कोई प्लॉटिंग नहीं हो रही है। वे खेत के पड़ोसी को पांच बिस्वा जमीन बेचना चाहते हैं। उन्हें मजबूर होकर एग्रीमेट कई बार बढ़वाना पड़ा है।
जिला उपायुक्त ने तहसील के शहरों और गांवों में दो कनाल तक रकबे के पंजीकरण पर पाबंदी लगाई है। गांवों और शहरों में अवैध कॉलोनियों के निर्माण पर रोक के मकसद से ये मौखिक आदेश दिए गए हैं। करीब एक महीने से पुन्हाना ही नहीं, पूरे जिले में यह पाबंदी लगाई गई है।
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- कंवर लाल, नायब तहसीलदार, पुन्हाना
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