नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के राज्य बार काउंसिल चुनाव के लिए नामांकन शुल्क बढ़ाने पर केंद्र और बीसीआई से जवाब मांगा है। बीसीआई ने राज्य बार काउंसिल चुनाव के लिए नामांकन शुल्क को 25 हजार से बढ़ाकर 1.25 लाख कर दिया गया है।
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने बुधवार को यह आदेश पारित किया। मामले की अगली सुनवाई दिसंबर में होगी। याचिकाकर्ता प्रमोद कुमार सिंह ने दावा किया है कि बीसीआई ने वकीलों के नामांकन शुल्क में भारी कटौती (लगभग 16,000 से 600) के कारण चुनाव प्रबंधन में धन की कमी को आधार बनाकर नामांकन शुल्क बढ़ाया है। याचिका में कहा गया है कि नामांकन शुल्क में इस तरह की वृद्धि चुनावों की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विरुद्ध है, प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन करती है और संविधान के अनुच्छेद 14 व 19 के जनादेश के खिलाफ है। यह कदम धनबल और बाहुबल को बढ़ावा देगा। ब्यूरो