फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: आईआरपी के खिलाफ निवासियों का प्रदर्शन, दफ्तर पर जड़ा ताला

विज्ञापन
विज्ञापन
- सेक्टर-119 स्थित द अरण्या निवासियों ने सोसाइटी परिसर में किया विरोध, आईआरपी पर फंड हड़पने का आरोप लगाया
विज्ञापन



माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-119 स्थित द अरण्या सोसाइटी निवासियों ने रविवार को सोसाइटी परिसर में इंसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (आईआरपी) के खिलाफ प्रदर्शन किया। आईआरपी का पुतला और हाथों में पोस्टर लेकर नारेबाजी की। निवासियों ने आईआरपी पर करोड़ों रुपये की फीस और फंड हड़पने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने आईआरपी के दफ्तर पर ताला लगा दिया।

द अरण्या सोसाइटी का मामला नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में होने के बाद सोसाइटी में 2019 से आईआरपी नियुक्त हैं। निवासियों का आरोप है कि आईआरपी होने के बाद भी निर्माण कार्य और मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। निवासियों ने बिल्डर की मिलीभगत से आईआरपी पर फ्लैट बेचने और खरीदने का आरोप लगाया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि सात वर्ष में 15 करोड़ रुपये से अधिक की रकम आईआरपी अपनी फीस के रूप में ले चुके हैं। कुल मिलाकर 50 करोड़ रुपये से अधिक के फंड की गड़बड़ी की गई है।
विज्ञापन

अपने वेंडर्स से सोसाइटी में छोटे-मोटे कार्य कराए जा रहे हैं, जबकि वास्तविक खरीदारों की फ्लैट रजिस्ट्री नहीं हुई है। खरीदारों ने आइबीबीआई (इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी बोर्ड आफ इंडिया) में 30 से अधिक शिकायतें दीं हैं लेकिन शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

जर्जर हो रही सोसाइटी
निवासियों ने बताया कि सीओसी की मीटिंग में एआर को शामिल किया जाता है लेकिन ये एआर कौन हैं किसी को कुछ नहीं पता। आईआरपी सोसाइटी में कभी नहीं आते और न ही निवासियों के साथ कोई मीटिंग करते हैं। टावरों से प्लास्टर गिर रहे हैं बेसमेंट की हालत भी खराब है।
विज्ञापन


आईआरपी ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
आईआरपी संजय गुप्ता ने कहा कि सोसाइटी में खरीदार ही फ्लैट बेच रहे हैं। हमने 800 फ्लैट बनाकर हैंडओवर किए, लिफ्ट लगाई, बिजली का कनेक्शन लिया, सड़क बनाई और फायर का एनओसी लिया गया। हमारी फीस सीओसी में तय की गई है और यह अप्रूव है। हमारी दो साल की फीस बकाया है। इसके अलावा सीओसी के बारे में सभी को ई-मेल से बताया जाता है। अबतक कितना काम किया गया है और कितना पैसा लगा है इसका रिकॉर्ड निवासियों को उपलब्ध करवाया जाता है और कोर कमेटी के कहने पर ही खर्च किया जाता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें