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मूलभूत सुविधाओं से वंचित 15 कॉलोनियों के निवासी

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फिरोजपुर झिरका। सरकार की ओर से शहर की 15 कॉलोनियों को पिछले 20 सालों से वैध नहीं किया गया है। अवैध कॉलोनी के बहाने शहर का आधा हिस्सा बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, पक्के रास्तों की सुविधाओं से दूर है। विडंबना यह है कि नगरपालिका के चुनावों में हर बार अवैध कॉलोनी के लोगों से वोट लेकर पार्षद चुना जाता है। लोगों को वैध कराने का भरोसा दिया जाता है लेकिन आज तक कालोनियों को वैध नहीं कराया जा सका है।
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शहर की कुल आबादी का आधा हिस्सा नए फिरोजपुर झिरका के नाम से शहर के चारो ओर बसा हुआ है। नगरपालिका के अनुसार 18 कॉलोनी अवैध रूप से बसी हुई है। जिनमें से तीन को सरकार ने वैध करने की अनुमति प्रदान की गई है शेष 15 कॉलोनी आज भी अवैध बनी हुई है। अवैध कॉलोनी के बहाने शहरवासियों को पेयजल, कच्चे रास्तों, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी आवश्यक जनहित की सुविधाओं से वंचित किया हुआ है।
वर्जन-
नगर पालिका के चुनाव में अवैध कॉलोनियों के मतदाताओं के वोटों से पार्षद तो चुना जाता है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर कॉलोनी को अवैध बताकर विकास से हाथ पीछे खींच लिया जाता है। - असलम खान, शिव कॉलोनी
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पेयजल की समस्या काफी ब़ी है। पुरुष कामकाज के लिए घर से बाहर चले जाते हैं। महिलाओं को पीने के पानी के लिए दूर-दूर गांवों तक भटकना पड़ता है। नगरपालिका की ओर से 20 सालों से एक नल तक नहीं लगाया गया है। - शबनम, समाजसेवी फिरोजपुर झिरका
जब कालोनी के वोटों से पार्षद चुना जा सकता है तो शिक्षा, पानी, स्वास्थ्य जैसी जरूरी सुविधाओं के नाम पर अवैध कॉलोनी का बहाना क्यों बनाया जा रहा है। कॉलोनियों में सीवर लाइन भी नहीं है, बरसात के दिनों में यहां से निकलना भी मुश्किल होता है। - वीरमति, पंजाबी कॉलोनी
शहर की 18 अवैध कॉलोनियों को वैध करने के लिए चार साल पूर्व सरकार के पास रिपोर्ट भेजी गई थी। उनमें से तीन कॉलोनियों को वैध किया गया है। 15 कॉलोनियां आज भी अवैध हैं। सरकार की ओर से कभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने के आदेश मिलते हैं, तो कभी अवैध कॉलोनी विकास नहीं करने का फरमान मिलता है। नगरपालिका सरकार के नियमों से बाहर जाकर अवैध कालोनियों में कुछ नहीं कर सकती। - अशोक गुर्जर, चेयरमैन नगरपालिका फिरोजपुर झिरका
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फोटो- शिव कालोनी में कच्चे पड़े रास्ते।
कालोनी के बीच बह रहा गंदे पानी का नाला।
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