यमुना प्राधिकरण में जल्द ही बिना शुल्क के पौत्र और पौत्री के नाम संपत्ति का स्थानांतरण हो सकेगा। प्राधिकरण 14 दिसंबर को प्रस्तावित बोर्ड बैठक में इसपर निर्णय लेना जा रहा है। प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि इस प्रस्ताव को बोर्ड के समक्ष रखा जाएगा। वहां से पारित होते ही लागू कर दिया जाएगा।
मौजूदा समय में यह प्रावधान है कि अगर पिता के नाम कोई संपत्ति है तो बेटे-बेटियों में ही संपत्ति का निशुल्क ट्रांसफर हो सकता है, लेकिन अगर पिता की मौत हो चुकी है और दादा-दादी अपने पौत्र या पौत्री के नाम संपत्ति स्थानांतरित करते हैं तो उस पर प्राधिकरण की तरफ से तय शुल्क लगता है। उनको रक्त संबंध में नहीं माना जाता।
किसान और आवंटी काफी समय से मांग कर रहे थे कि पौत्र-पौत्री को भी रक्त संबंध मानते हुए स्थानांतरण शुल्क से छूट दिया जाए। प्राधिकरण की बोर्ड बैठक 14 दिसंबर को प्रस्तावित है। उसी में यह प्रस्ताव जा रहा है। इस पर निर्णय होने के बाद प्राधिकरण के क्षेत्र में ऐसे किसानों और आवंटियों को राहत मिल जाएगी।