यमुनानगर। नगर निगम कार्यालय में रिहायशी प्रमाणपत्रों की फाइलें गुम हो रही हैं। इससे लोगों के प्रमाणपत्र समय पर नहीं बन रहे। जो प्रमाणपत्र दो दिन में बन जाना चाहिए वह 20 दिन से एक माह तक भी नहीं बन रहा। लोग नगर निगम कार्यालय में चक्कर काट कर परेशान हो गए हैं।
फाइलें गुम होने का आरोप कई वार्डों के पार्षद लगा रहे हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने अतिरिक्त निगम आयुक्त धीरज कुमार की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाई है। यह कमेटी जांच कर अपनी रिपोर्ट नगर निगम आयुक्त को सौंपेगी।
तिलक नगर के बॉबी व रीना ने बताया कि उन्हें जरूरी कार्य के लिए रिहायशी प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। इसके लिए उन्होंने 20 दिन पहले नगर निगम कार्यालय में आवेदन किया था। परंतु अभी तक भी उनके प्रमाण पत्र नहीं बने हैं। कई बार कार्यालय में चक्कर काट चुके हैं, लेकिन हर बार कोई नया कारण सुनने को मिलता है। वह तो चक्कर काट कर परेशान हो चुके हैं। इस समस्या से उन्होंने अपने पार्षद को भी अवगत कराया है। वार्ड 20 के पार्षद विक्रम राणा का कहना है कि नियमानुसार रिहायशी प्रमाणपत्र आवेदन करने के अगले दिन शाम तक बन जाता है। परंतु काफी समय से निगम कार्यालय से रिहायशी प्रमाण पत्र के आवेदन की फाइलें गुम हो रही है।
20 दिन बाद भी लोगों को उनके प्रमाणपत्र नहीं मिल रहे। यह हालत तब हैं जब उन्होंने खुद अपने वार्ड के लोगों के प्रमाणपत्र निगम कार्यालय में जमा करवाए थे। वह कार्यालय में जाते हैं तो कर्मचारी कहता है कि फाइल रखी है। इसमें अपने प्रमाण पत्र तलाश लो। फाइल में नहीं मिलते। कर्मचारी से पूछा जाता है तो वह कहते हैं कि उनके पास जो आवेदन आए थे उन्होंने सभी के प्रमाण पत्र बना दिए हैं। यदि प्रमाण पत्र नहीं बन रहे हैं तो इसका मतलब यही है कि फाइलें गुम हो रही हैं।
इसी तरह वार्ड 15 की पार्षद मनु कृष्ण सिंगला का कहना है कि उनके संज्ञान में भी यह मामला आया है। वार्ड के लोगों ने उनसे शिकायत की है कि रिहायशी प्रमाण पत्र समय पर नहीं बन रहे। इसलिए इस मामले को उन्होंने नगर निगम हाउस की बैठक में भी उठाया था। संवाद
मैंने खुद कर्मचारियों के काम की जांच की है, जिसमें कोई कमी नहीं पाई गई थी। खासकर लंबित फाइलों के बारे में कर्मचारियों को सख्त निर्देश दे रखे हैं। यदि पार्षदों को लग रहा है कि किसी स्तर पर कोई चूक हो रही है तो इसकी जांच के लिए एएमसी धीरज कुमार की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी बनाई है। वह जल्द ही अपनी रिपोर्ट देंगे। -महाबीर प्रसाद, आयुक्त, नगर निगम।