नोएडा। अदालत के आदेश पर बाइक बोट घोटाले के मुख्य आरोपी व गर्वित इनोवेटिव प्रोमोटर्स लिमिटेड के प्रमोटर संजय भाटी समेत 7 लोगों के खिलाफ सेक्टर-24 कोतवाली पुलिस ने बैंक से धोखाधड़ी समेत कई गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। बाइक बोट कंपनी के निदेशक बीएन तिवारी, मोहम्मद स्यान, विवेक सिंह और नोबल कॉपरेटिव बैंक के पूर्व एजीएम रविंद्र नागपाल समेत 7 के खिलाफ पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
नोएडा जोन के एसीपी द्वितीय रजनीश कुमार वर्मा ने बताया कि सेक्टर-22 स्थित नोबल कॉपरेटिव बैंक के सीनियर मैनेजर विनोद कुमार की ओर से जिला अदालत में प्रार्थना पत्र दिया गया था। इसका संज्ञान लेते हुए अदालत ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया था। उन्होंने बताया कि विनोद कुमार ने आरोप लगाया था कि सेक्टर-22 स्थित बैंक शाखा में गर्वित इनोवेटिव प्रोमोटर्स लिमिटेड ने खाता खुलवाया था।
कंपनी की ओर से अपने कर्मचारियों एवं अन्य निदेशकों के लिए लोन की मांग की गई थी। बैंक के तत्कालीन एजीएम रविंद्र नागपाल, चीफ मैनेजर राजकुमार सिंह और प्रोबेशनरी अफसर यश अत्री ने बैंक के साथ धोखाधड़ी करते हुए 2,61,000 रुपये के ब्लैंक चेक कंपनी के पक्ष में जारी कर दिए। इसके लिए कोई प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। इस पर आने वाला खर्च भी एजीएम ने कंपनी से दिलवा दिया, ताकि बैंक को इस बात की जानकारी न हो।
जब मामला खुला तो जांच में एजीएम रविंद्र नागपाल, राजकुमार व यश अत्री को अनैतिक कार्य करते हुए अनुशासनहीनता का दोषी माना गया। उसी आधार पर बैंक की ओर से तीनों की सेवा समाप्त कर दी गई थी। इसके बाद उक्त आरोपी कर्मचारी बैंक के सीईओ और अन्य स्टॉफ से रंजिश रखते हुए धमकी दे रहे हैं। इसकी भी जांच की जा रही है।