नोएडा/ग्रेटर नोएडा/दादरी। दादरी की गोपाल पैथ लैब में बिना अनुमति कोरोना वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल मामले में ड्रग इंस्पेक्टर वैभव बब्बर ने केंद्र व राज्य सरकार समेत ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया को रिपोर्ट भेज दी है। इसमें स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है।
कोरोना वैक्सीन दादरी तक कैसे पहुंची इसकी जांच की जा रही है। वहीं, जिन पर क्लीनिकल ट्रायल हुआ है, उनमें से अधिकांश लोग कार्रवाई के डर से फरार हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सेहत की चिंता करते हुए उनसे सामने आकर जांच कराने की अपील की है।
मामले में आरोपी पैथ लैब संचालक विकास वशिष्ठ की तलाश की जा रही है। अभी तक की जांच में पता चला हे कि न तो लैब का करार था, न ही कोल्ड चेन की व्यवस्था थी। यहां टीका लगाने के नाम पर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा था।
सीएमओ दीपक ओहरी ने बताया कि सख्ती से जांच चल रही है। जिन 19 लोगों को टीका लगा, वह दो परिवार के लोग हैं। टीका लगवाने वाले लोग लैब संचालक के करीबी हैं। सभी को सूचना दी गई है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग की टीका लगवाने वाले किसी भी व्यक्ति से बात नहीं हो सकी है। सभी के मोबाइल नंबर बंद आ रहे हैं।
15 पुरुष व चार महिलाओं ने लगवाई थी कोरोना वैक्सीन
दादरी के अभिषेक मैत्रेय, संजीव कुमार, आरती शर्मा, नितिन, जय प्रकाश, सुनील कुमार, वैदिका गर्ग, अमीशा, राजू, पूजा शर्मा, हेमंत शर्मा, सुरेश चंद, रविंद्र कुमार, आदर्श कुमार, रोहित शर्मा आदि को वैक्सीन लगाई गई थी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डाक्टर संजीव सारस्वत का कहना है कि वैक्सीन लगने वाले एक व्यक्ति को रात में बुखार आने की सूचना मिली। उसे तलाश कर पता लगाया जा रहा है।