ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण ने बोर्ड बैठक में आवंटियों और किसानों को कई राहत दी हैं। बोर्ड से भूखंडों की रजिस्ट्री (लीज डीड) और भवन निर्माण करने के लिए छह माह की मोहलत मिल गई है। इससे करीब 42 हजार आवंटियों को लाभ होगा। इन सभी आवंटियों को अपने प्लॉट पर निर्माण कराने और रजिस्ट्री कराने का अवसर मिला है। इसके अलावा बकाएदार आवंटियों को बकाया राशि को तीन किस्तों में दिया जा सकेगा, जबकि किसानों की भूमि का मुआवजा करीब 6 फीसदी बढ़ाया गया है।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि कोविड-19 के कारण लोग काफी प्रभावित हुए हैं और इससे काफी क्षति हुई है। काफी आवंटी अपने भूखंडों की लीज डीड नहीं करा पाए हैं, जबकि काफी आवंटी ऐसे हैं कोरोना काल में हुई आर्थिक क्षति के कारण प्लॉट पर निर्माण नहीं करा पाए हैं। ऐसे सभी आवंटियों पर जुर्माना लगाया जा रहा था, लेकिन ऐसे आवंटी जिन्हें रजिस्ट्री के लिए प्राधिकरण ने चेक लिस्ट जारी की थी और वह रजिस्ट्री नहीं करा पाए थे। अब वे लोग सितंबर तक लीज डीड करा सकते हैं। इसके अलावा जो आवंटी अपने भूखंडों पर समय से निर्माण नहीं करा पाए, उन्हें भी 6 माह का समय दिया गया है। इस छूट प्राधिकरण सेे आवासीय प्लॉट, फ्लैट, संस्थागत, औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियों के लगभग 42,000 आवंटी को लाभ मिलेगा।
किसानों की जमीन के लिए नई मुआवजा दरें
यमुना प्राधिकरण पुरानी योजना के तहत हर साल वित्तीय वर्ष में महंगाई दर के अनुसार किसानों की जमीन की नई मुआवजा दरें घोषित करता है। इस साल करीब 6 फीसदी मुआवजा दरें बढ़ाई गई हैं। जिन किसानों को सात फीसदी भूखंड दिया जाता है, उन्हें 2,178.20 रुपये प्रति वर्गमीटर मुआवजा दिया जाता था। अब 2218 रुपये प्रतिवर्ग मीटर का मुआवजा मिलेगा, जबकि जिन किसानों को 7 फीसदी आबादी भूखंड नहीं लेना है, उन्हें करीब 2422 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा यमुना प्राधिकरण की ओर से आबादियों का लाभ व किसानों को दिए जाने वाले सात फीसदी भूखंडों में बेटियों को भी एक अलग इकाई माना जाएगा। मतलब यह है कि अब बेटियों को भी आबादी और आवासीय भूखंडों एवं बैकलीज का लाभ मिलेगा। यदि बेटी की शादी हो चुकी है और वह मायके मे रह रही हैं तो भी लाभ मिलेगा। यदि शादीशुदा है और ससुराल में रहती है तो उस स्थिति में लाभ नहीं मिलेगा।
एसडीएस बिल्डर से जुर्माना वसूलेगा प्राधिकरण
यमुना प्राधिकरण ने एसडीएस परियोजना के 800 आवंटियों को राहत दी है। इस परियोजना को बिल्डर समय से विकसित नहीं कर पाया था। बिल्डर से जुर्माना लिया जा रहा था और बिल्डर इसे आवंटियों से वसूल रहा था। अब बिल्डर से प्राधिकरण जुर्माना वसूलेगा।
री-शेडयूलमेंट पॉलिसी से मिलेगी बकायेदारों को मदद
अभी तक प्राधिकरण के बकाएदार आवंटियों को राहत देने के लिए बोर्ड में मुद्दे को ले जाना पड़ता था। इस बार बोर्ड बैठक में री-शेडयूलमेट पॉलिसी को पास करा लिया गया है। बोर्ड बैठक में पास होने वाला प्रस्ताव अब सीईओ को मिल गया है। इससे बकायेदार आवंटी मुख्य कार्यपालक अधिकारी के समक्ष समस्या रखेंगे और वह उनकी बकाया राशि को तीन किस्तों में जमा कराने के लिए मंजूरी दी जा सकेगी। इसमें रजिस्ट्री करा चुके आवंटी ही लाभ उठा सकेंगे। यदि वह तीन किस्तों में राशि को जमा नहीं कर पाए तो उनका आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा।