मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की, सितंबर तक का बकाया भी मिलेगा
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3250 रुपये राशि मिलेगी हर सदस्य को प्रति माह मिलेगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
भाजपा सरकार ने राजधानी में पंजीकृत कश्मीर से विस्थापित परिवारों को राहत भत्ता देने का निर्णय लिया है। सरकार ने इनके लिए आय की सीमा का नियम खत्म कर दिया है। सभी को जल्द सितंबर तक का बकाया राहत भत्ता भी मिल जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बृहस्पतिवार को ये घोषणा की।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद की विभीषिका ने विस्थापितों को घर छोड़ने पर मजबूर किया। तीन दशक से ज्यादा समय से हजारों हिंदू परिवार दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न हिस्सों में रहते हैं। दिल्ली में इन्हें जीवनयापन के लिए राहत भत्ता दिया जाता है लेकिन कठोर नीतियों, पुराने नियमों के कारण इन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। आय सीमा की शर्त और परिवार के रिकॉर्ड को अपडेट न कर पाने की जटिलता ने कई विस्थापित परिवारों को वर्षों तक परेशान रखा। डेढ़ साल से इन्हें राहत भत्ता भी नहीं मिला है। ऐसे में उन्होंने शिक्षा मंत्री आशीष सूद के साथ कश्मीरी विस्थापितों की समस्याएं सुनीं जिसके बाद राजस्व विभाग को नियम बदलने के आदेश दिए गए। सरकार का फैसला इनके जीवन में आशा की नई किरण बनेगा।
मासिक आय सीमा की शर्त खत्म
सरकार ने 26,800 रुपये मासिक आय सीमा की शर्त को खत्म कर दिया है। अब सभी पंजीकृत कश्मीरी विस्थापित परिवारों को राहत भत्ता मिलेगा। जल्द ही इनके लिए विशेष अवसर योजना भी लागू होगी। इसमें सभी विस्थापित परिवार वर्तमान सदस्यों के विवरण दर्ज करा पाएंगे। इनकी परिवार सूची पारदर्शी और निष्पक्ष होगी। सरकार इन्हें सितंबर तक का बकाया राहत भत्ता भी देगी।
1800 परिवारों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में करीब 1800 कश्मीरी विस्थापित रहते हैं। नियमों के मुताबिक हर परिवार में अधिकतम चार लोगों को राहत राशि मिलेगी। हर एक सदस्य को हर माह 3250 रुपये राहत राशि मिलेगी। एक परिवार को करीब 13 हजार रुपये मिलेंगे।
घर छोड़ा, समझौता नहीं किया : रेखा गुप्ता
सीएम ने कहा कि कश्मीरी विस्थापित परिवारों ने वतन, अपनी जड़ों और पहचान का जो नुकसान झेला है उसे शब्दों में नहीं बता सकते। अब दिल्ली इनका ठिकाना है। ये देश के वे नागरिक हैं जिन्होंने अपना घर, जमीन और पहचान खो दी लेकिन राष्ट्र के प्रति आस्था व संस्कृति से कभी समझौता नहीं किया।