रियल एस्टेट : आंकड़ों का गड़बड़झाला या प्राधिकरण की लापरवाही
- कई प्रोजेक्टों में मंजूर हुए फ्लैटों और टावरों के आंकड़े गायब होने से उठ रहे सवाल
- अधिकारियों ने कहा, एक माह तक जारी रहेगा अपडेट, जल्दबाजी में कर दिया आधा अधूरा आंकड़ा जारी
सुशील पांडेय
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण ने रियल एस्टेट के आंकड़े तीन दिन पहले जारी कर दिए। हालांकि जारी किए गए आंकड़ों में कई गलतियां हैं। सवाल यह है कि यह आंकड़ों का गड़बड़झाला है या फिर प्राधिकरण के अधिकारियों की लापरवाही है। अमर उजाला के सवाल उठाने पर कुछ आंकड़ों को आननफानन में ठीक किया गया। लेकिन अभी भी इन आंकड़ों में कई खामियां मौजूद हैं।
प्राधिकरण की ओर से जारी किए गए आंकड़ों में परियोजना के नाम के साथ बकाये की जानकारी दी गई है। साथ ही परियोजना के लिए आवंटित जमीन के साइज का भी जिक्र है। जब आंकड़ों का विश्लेषण किया गया तो करीब दस परियोजनाओं में ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी), कंप्लीशन सर्टिफिकेट (सीसी), सबलीज डीड, मंजूर किए गए फ्लैटों की संख्या, मंजूर किए गए टावरों की संख्या, टावरों के निर्माण, टावरों के लिए लिए गए ओसी का कहीं कोई जिक्र नहीं दिखा। यानी प्राधिकरण के आंकड़ों के आधार पर यहां यह कह पाना काफी मुश्किल है कि उस स्थान पर निर्माण कार्य शुरू भी हुआ है या नहीं।
हालांकि यूनिटेक की परियोजनाओं के मामले में प्राधिकरण के आंकड़े गलत प्रतीत हो रहे हैं। प्राधिकरण के आंकड़ों के मुताबिक सेक्टर-113 में मौके पर कोई निर्माण नहीं किया गया है। जबकि सेक्टर में बाकायदा 16 टावर खड़े हैं। सेक्टर-117 के बारे में प्राधिकरण के पास यह आंकड़ा नहीं है कि वहां कितने टावर बने हैं, जबकि यहां करीब 650 परिवार रह रहे हैं। इसके अलावा सेक्टर-144 के दो प्रोजेक्ट को लेकर सवाल यह उठ रहे हैं कि यह यूनिटेक के रिकॉर्ड में नहीं है। यूनिटेक की कुछ परियोजनाओं में आधार समेत एक-आध फ्लोर का काम भी हो चुका है, जबकि प्राधिकरण के आंकड़ों में इसका नक्शा भी पास नहीं है। यहां यह भी सवाल उठे रहे हैं कि अगर नक्शा पास नहीं हुआ तो रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी में परियोजना पंजीकृत कैसे हो गई।
केवल प्रोजेक्ट का नाम, अन्य जानकारियां नदारद
सेक्टर-107 पेबल्स प्रोलीज प्राइवेट लिमिटेड को 40 हजार वर्गमीटर जमीन का आवंटन किया गया। कंपनी पर 227 करोड़ का बकाया है। लेकिन फ्लैट, टावर समेत दूसरी अन्य जानकारियां नहीं हैं। सेक्टर-113, 117, 96, 97, 98 यूनिटेक, सेक्टर-143 डोसाइल बिल्डटेक आदि में किसी तरह की कोई जानकारी नहीं है। आंकड़ों से यह नहीं पता चल रहा है कि मौके पर क्या हालात हैं।
पूरा बकाया जमा, लेकिन कोई जानकारी नहीं
प्राधिकरण के कुछ प्रोजेक्टों में पूरा बकाया जमा करने की सूचना है। लेकिन खास बात यह कि कहीं एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई है तो कहीं पूरा बकाया जमा होने के बावजूद एक भी जानकारी नहीं है। कहीं-कहीं केवल मंजूर किए गए फ्लैटों का जिक्र है। बाकी सूचनाएं गायब हैं। इसमें सेक्टर-62, 115, 43, 143 बी की परियोजना भी शामिल है।
दो प्रोजेक्टों में बकाया समेत कुछ भी पता नहीं
प्राधिकरण के दो परियोजनाओं में बकाया समेत कोई भी जानकारी नहीं दी गई है। केवल परियोजना के नाम के अलावा आवंटित जमीन की साइज का जिक्र किया गया है।
थ्री प्लेटिनम के आंकड़ों पर सवाल उठाने पर किया आधा-अधूरा अपडेट
जब अमर उजाला ने सेक्टर-107 के थ्री प्लेटिनम सॉफ्टेक परियोजना के गायब आंकड़ों पर सवाल उठाए तो प्राधिकरण ने शाम तक इस परियोजना में मंजूर किए गए 759 फ्लैटों का आंकड़ा अपडेट कर दिया। लेकिन टावरों की मंजूरी और इसके निर्माण की कोई जानकारी नहीं है। इस परियोजना में 145 करोड़ का बकाया है। यहां 3000 वर्गमीटर जमीन का आवंटन किया गया है।
- ग्रुप हाउसिंग के अधिकारियों को आंकड़ों को अपडेट के लिए कहा गया है। एक माह तक रोजाना कुछ न कुछ अपडेट किया जाता रहेगा। - प्रभाष कुमार, एसीईओ, नोएडा प्राधिकरण