राया हेरिटेज सिटी : रिपोर्ट बनाने के लिए आगे आईं 6 कंपनियां
ग्रेटर नोएडा। ‘नया मथुरा-वृंदावन’ (राया हेरिटेज सिटी) का खाका तैयार करने के लिए छह कंपनियां आगे आई हैं। तकनीकी निविदा में इन कंपनियों ने हिस्सा लिया। अब अगले दो हफ्ते में वित्त निविदा खुलेगी। इसमें किसी एक कंपनी का नाम तय होगा। राया के पास 9350 हेक्टेयर में 7000 करोड़ रुपये खर्च कर इसे बसाने की तैयारी है।
मथुरा-वृंदावन के पास राया हेरिटेज सिटी बसाने की योजना है। प्रदेश सरकार ने इसके मास्टर प्लान को पहले ही हरी झंडी दे दी है। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाने के लिए कंपनी चयन की प्रक्रिया चल रही है। यमुना प्राधिकरण ने बीती 26 नवंबर को टेंडर निकाला था। सोमवार को तकनीकी निविदा खुली, इसमें छह कंपनियां ने हिस्सा लिया। दो सप्ताह में इसकी वित्त निविदा खुलेगी और एक कंपनी का चयन कर परियोजना की रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी। चयनित कंपनी दो से तीन माह में रिपोर्ट देगी। इसके आधार पर ही राया हेरिटेज सिटी को बसाया जाएगा। इस शहर में सबसे अधिक जोर पर्यटन पर होगा, इसीलिए कुल क्षेत्र में से 731 हेक्टेयर पर पर्यटन स्थल और 110 हेक्टेयर में रिवर फ्रंट विकसित होगा। शहर में कुल 36 सेक्टर होंगे। मथुरा से 16 और वृंदावन से 21 किमी की दूर स्थित इस शहर में प्रति हेक्टेयर 104 व्यक्तियों की आबादी प्रस्तावित है। नए शहर में श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर महाभारत तक के जीवन की झलकी दिखेगी। साथ ही भारतीय सांस्कृतिक विरासत की छटा भी रहेगी।
इन कंपनियों ने लिया है हिस्सा
- एलईए एसोसिएट्स साउथ एशिया प्रालि
- प्राइस वाटर हाउस कूपर्स प्रालि
- टाटा कंसलटिंग इंजीनियर्स लि.
- सीबीआरई साउथ एशिया प्रालि
- वाप्कोस लिमिटेड
- रुद्राभिषेक इंटरप्राइजेज
टप्पल-बाजना की प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने को 11 कंपनियां आगे आईं
हेरिटेज सिटी के साथ ही टप्पल-बाजना के पास औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने का भी निर्णय लिया गया है। प्राधिकरण ने इसके लिए भी बीती 26 नवंबर को टेंडर निकाला था। इसमें 11 कंपनियों ने हिस्सा लिया है। इसे ट्रांसपोर्ट व लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित किया जाएगा। अगले दो हफ्ते में इन कंपनियों के बीच वित्त निविदा खुलेगी। इसमें एक कंपनी का चयन कर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी।
दोनों प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाने वाली कंपनी का चयन दो सप्ताह में कर लिया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर योजना पर काम होगा। इन दो शहरों से पर्यटन और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
- डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ, यीडा