- नोएडा मीडिया क्लब के अध्यक्ष को धमकी देकर मांगे थे 5 करोड़ रुपये
- मामले में 25 मार्च को जिला अदालत में होगी सुनवाई
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। नोएडा की सड़कों पर एक आम-सी रात अचानक सनसनीखेज वारदात में बदल गई थी, जब मीडिया की आवाज को खामोश करने की कोशिश में बदमाशों ने बंदूक की नोक पर डर का खेल खेला।21 फरवरी को सेक्टर-133 से लौट रहे नोएडा मीडिया क्लब के अध्यक्ष आलोक कुमार द्विवेदी को बीच रास्ते रोककर न सिर्फ जान से मारने की धमकी दी गई, बल्कि 5 करोड़ रुपये की रंगदारी भी मांगी गई।
हमलावरों ने खुलेआम कुख्यात गैंगस्टर रवि काना का नाम लेकर चेतावनी दी कि अगर उन्होंने गैंग के खिलाफ खबरें प्रकाशित करना बंद नहीं किया और पद से इस्तीफा नहीं दिया, तो अंजाम बेहद खतरनाक होगा। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में खुद रवि काना ने अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की है, जिस पर 25 मार्च को सुनवाई होनी है।
अभियोजन के अनुसार सेक्टर-62 इंडियन ऑयल अपॉर्टमेंट निवासी आलोक कुमार द्विवेदी वर्तमान में नोएडा मीडिया क्लब के अध्यक्ष हैं। 21 फरवरी की रात वह अपनी कार से सेक्टर-133 में एक शादी समारोह से लौट रहे थे। सेक्टर-42 के जंगल के पास दो बाइक सवार युवकों ने उनकी गाड़ी रुकवा ली। दोनों युवकों ने अपने कपड़ों में छिपाए असलहे निकाल लिए और गाली-गलौज करते हुए कहा कि रवि काना जेल से बाहर आ गया है। हमारा साथी पंकज पराशर जेल चला गया है और अब पीड़ित उसके स्थान पर मीडिया क्लब का अध्यक्ष बन गया है। बदमाशों ने कहा अध्यक्ष बनने के बाद से पीड़ित द्वारा उनके गैंग के खिलाफ लगातार खबरें प्रकाशित कराई जा रही हैं। यदि पीड़ित ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा नहीं दिया और गैंग के खिलाफ खबरें प्रकाशित करना बंद नहीं किया, तो उसे जान से हाथ धोना पड़ेगा।
आरोपियों ने कहा कि अगर जान बचानी है तो पिछले एक डेढ़ साल में रवि काना और पंकज पराशर गैंग के धंधे को जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई के लिए सात दिन के भीतर 5 करोड़ रुपये की व्यवस्था करने की भी धमकी दी। रवि काना गैंग पहले भी शहर के पत्रकारों और अन्य लोगों को धमकी देकर अवैध वसूली कर चुका है।
सेक्टर-63 कोतवाली में दर्ज मामले में होगी सुनवाईः सेक्टर-63 कोतवाली में दर्ज रंगदारी के मामले में रवि काना को मिली अग्रिम जमानत याचिका खारिज कराने के लिए 25 मार्च को सुनवाई होगी। मामले में आरोपी को पिछले माह फरवरी में अदालत ने अग्रिम जमानत प्रदान कर एक सप्ताह के भीतर पुलिस के समक्ष प्रस्तुत होकर अपने बयान दर्ज कराने का आदेश दिया था। मगर आरोपी की ओर से एनकाउंटर के डर से पुलिस के पास पेश होने का हवाला देकर छूट की मांग की गई है। रवि काना के अधिवक्ता ललित मोहन गुप्ता का कहना है कि दोनों मामले में 25 मार्च को सुनवाई होगी।