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Noida News: दो साल की बच्ची से रेप के दोषी फेरीवाले को 20 साल का कारावास

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दो साल की बच्ची से रेप के दोषी फेरीवाले को 20 साल का कारावास
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-अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश पोक्सो की अदालत ने सुनवाई सजा
-जारचा कोतवाली क्षेत्र में वर्ष 2019 की घटना, 50 हजार का अर्थदंड भी लगाया
-गली में खेल रही थी बच्ची, तभी फल बेचने वाले बुजुर्ग ने दिया घटना को अंजाम
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिला न्यायालय की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश पॉक्सो की अदालत ने दो साल की बच्ची से रेप के दोषी फेरीवाले को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड नहीं देने पर एक साल के अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी। दोषी की उम्र 65 वर्ष है और छह साल पहले घटना को अंजाम दिया था। फल बेचने वाले फेरीवाले को सजा दिलाने में चश्मदीद गवाह माता-पिता व तीन अन्य की गवाही और मेडिकल रिपोर्ट अहम साबित हुई।

शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि घटना 19 सितंबर 2019 को जारचा कोतवाली क्षेत्र की है। सुबह 10 से 10:30 बजे के बीच बच्ची घर के बाहर गली में खेल रही थी। तभी वहां फल बेचने वाला नियाज अपनी फेरी लेकर पहुंचा। उसने बच्ची को अकेला देखा और फल देने का लालच देकर एक सुनसान गली में ले गया। वहां बच्ची के साथ रेप किया। बच्ची के चिल्लाने की आवाज सुनकर माता-पिता व आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और आरोपी को दबोच लिया। पिता ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर बच्ची को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल भेजा। मेडिकल में बच्ची के गुप्तांग पर नाखून के निशान मिले थे। पुलिस ने जांच पूरी कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। जिस पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश पॉक्सो की अदालत में सुनवाई चल रही थी। साक्ष्य और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने फेरीवाले नियाज निवासी जारचा कस्बा को बच्ची के साथ रेप का दोषी करार दिया है। नियाज को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई गई है। 50 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड नहीं देने पर एक साल के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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चश्मदीद गवाह थे माता-पिता व तीन अन्य

शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि पीड़िता के माता-पिता चश्मदीद गवाह थे। बच्ची के चिल्लाने पर वो मौके पर पहुंचे गए थे। उनके अलावा तीन अन्य चश्मदीद गवाह की गवाही अहम साबित हुई। साथ ही मेडिकल रिपोर्ट भी अहम रही। उन्होंने बताया कि आदेश के समय दोषी की उम्र 65 वर्ष है। जबकि घटना के समय 59 वर्ष थी।
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