हिसार/ बरवाला/हांसी/नारनौंद। जिले में बारिश और ड्रेन-माइनर टूटने का सिलसिला नहीं थमने से किसानों पर जलसंकट गहराता जा रहा है। रविवार शाम कई इलाकों में तेज बारिश से हालात फिर भयावह हो गए। रविवार को दुरुस्त की गई राणा माइनर 24 घंटे बाद ही शाम चार बजे दो जगह और घग्गर ड्रेन एक जगह टूट गई। हालांकि रात तक दोनों को दुरुस्त कर दिया गया। जलभराव से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने हांसी और बरवाला क्षेत्र के कई गांवों का दौरा किया और किसानों को नुकसान के मुआवजे का आश्वासन दिया। उधर, बरवाला में मकान की छत गिरने से एक किशोर घायल हो गया। जलनिकासी के मुद्दे पर सुलखनी व घिराय के ग्रामीण आमने सामने हो गए। सुलखनी के ग्रामीणों ने रोड जाम कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर समझौता करवाया। जिले के 7 ब्लॉक के 71 स्कूलों में 8 व 9 सितंबर को अवकाश घोषित किया गया है।
राजकीय पशुधन फार्म (जीएलएफ) के पास शनिवार रात राणा माइनर टूट गई। सुबह सिंचाई विभाग व जीएलएफ के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पानी का बहाव तेज होने के कारण माइनर को तलवंडी राणा रोड के पास तोड़ दिया गया ताकि पानी की मात्रा कम हो जाए और माइनर को दुरुस्त किया जा सके। शाम 6 बजे तक दोनों जगहों से माइनर को ठीक कर दिया गया। हालांकि माइनर के टूटने से जीएलएफ की जमीन पर पानी भर गया। एयरपोर्ट की चहारदीवारी के आसपास भी पानी जमा हो गया।
55 घंटे की मशक्कत के बाद दुरुस्त की गई घग्गर ड्रेन फिर टूटी
घग्गर ड्रेन को शनिवार को 55 घंटे की मशक्कत के बाद दुरुस्त किया था जो 24 घंटे बाद ही शाम 4 बजे नेशनल हाईवे से करीब 100 मीटर की दूरी पर फिर से टूट गई। ड्रेन के टूटने की सूचना पाकर ग्रामीण व प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और ड्रेन को बांधने का काम शुरू किया गया। रात करीब 8 बजे ड्रेन को दुरुस्त कर दिया। हालांकि ड्रेन टूटने से रामगढ़ बस्ती में पानी भर गया। जलभराव के कारण रामगढ़ बस्ती के ज्यादातर लोग अपने घरों को छोड़कर रिश्तेदारी में जा चुके हैं। सुबह खेतों का पानी मेन रोड पर पहुंच गया। विधायक रणधीर पनिहार भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
पानी निकासी के लिए सुलखनी व घिराय के ग्रामीण आमने-सामने
पानी निकासी के लिए सुलखनी व घिराय के ग्राामीणें के बीच विवाद हो गया। सुलखनी के ग्रामीणों ने अपने मकानों को बचाने के लिए सुलखनी-घिराय रोड पर बना साइफन खोल दिया जिससे पानी घिराय की तरफ बहने लगा। इस पर घिराय के ग्रामीणों ने विरोध जताया। सुलखनी के लोगों ने सुलखनी-घिराय रोड पर जाम लगा दिया। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के बीच पंचायत करवाई। इसमें यह फैसला हुआ कि सुलखनी के मकानों को बचाने लिए पानी की निकासी घिराय की तरफ से ही की जाएगी। सुलखनी निवासी कृष्ण ने बताया कि सभी मकानों की छतों से पानी टपक रहा है। गांव में पेयजल की भी किल्लत हो गई है।
खरड़ में बाढ़ जैसे हालात, शिकारपुर व रायपुर के खेत जलमग्न
शिकारपुर व रायपुर ढाणी के खेतों में जलभराव हो गया है। रायपुर की बीपीएल बस्ती में भी पानी घुस गया है। नियाणा की तरफ से यहां पानी आ रहा है। खरड़ गांव में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। यहां खेतों के साथ-साथ गांव में पानी भरा हुआ है। बहबलपुर गांव में भूमिगत पानी का जलस्तर ऊपर आने से लोगों के बेसमेंट में पानी घुस गया है।
71 स्कूलों की सूची जारी, दो दिन अवकाश
शिक्षा विभाग ने जिले के 71 स्कूलों की सूची जारी की है। इनमें 8 व 9 सितंबर को अवकाश रहेगा। इन गांवों में निजी स्कूल भी बंद रहेंगे। हालांकि स्टाफ को बुलाया गया है। जिन स्कूलों में अवकाश रहेगा उनमें हिसार प्रथम ब्लॉक के 19, अग्रोहा के 2, उकलाना के 3, बरवाला के 15, हिसार द्वितीय के 4, बास के 4, हांसी प्रथम ब्लॉक के 17 और नारनौंद ब्लाॅक के 6 स्कूल शामिल हैं।
हिसार-सादुलपुर रेलवे ट्रैक पर खतरा बरकरार
हिसार-सादुलपुर रेलवे ट्रैक के आसपास पानी भरने से ट्रैक पर खतरा बना हुआ है। हालांकि रेलवे के इंजीनियर मौके पर डेरा डाले हुए हैं। इस जगह से ट्रेनों को धीमी गति से निकाला जा रहा है। गंगवा के पास ड्रेन टूटने के कारण यह पानी भर गया है। यही नहीं पानी ट्रैक के नीचे से भी रिसना शुरू हो गया है।